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मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल दौरे के दौरान विकास योजनाओं, सड़क, बिजली, शिक्षा और किसानों से जुड़े कई निर्णयों की घोषणाएं कीं

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के बड़ा भंगाल क्षेत्र के दौरे के दौरान स्थानीय लोगों से संवाद कर विकास, सड़क, बिजली, शिक्षा, कृषि और पर्यटन से जुड़े विभिन्न विषयों पर घोषणाएं और निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

कांगड़ा

स्थानीय लोगों से संवाद और विकास कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बड़ा भंगाल क्षेत्र का दौरा कर स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं तथा क्षेत्र में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने क्षेत्र में रात्रि प्रवास भी किया। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया और किसानों के खेतों का निरीक्षण कर राजमाह की खेती, उत्पादन, विपणन, पशुपालन तथा स्थानीय आजीविका से जुड़े विषयों पर चर्चा की। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से भी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, आपदा से प्रभावित हिस्सों और आवश्यक विकास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली।

सड़क और बिजली व्यवस्था को लेकर निर्देश

मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए और इसके लिए 10 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को सड़क निर्माण के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने तथा प्रत्येक किलोमीटर के लिए अलग-अलग निविदाएं आमंत्रित करने को कहा, ताकि कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा सके। बिजली आपूर्ति के संबंध में उन्होंने गांवों में उपयुक्त क्षमता के डीजल जनरेटर स्थापित करने, सभी घरों की विद्युत कनेक्टिविटी और वायरिंग का सर्वे कराने तथा सड़क सुविधा उपलब्ध होने तक वैकल्पिक बिजली व्यवस्था जारी रखने के निर्देश दिए। अपर बड़ा भंगाल और लोअर बड़ा भंगाल के लिए एक-एक डीजल जनसेट उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई।

कृषि, प्राकृतिक खेती और स्थानीय उत्पादों पर जोर

मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के राजमाह की अलग पहचान विकसित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए और इसके लिए ब्रांडिंग तथा बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही अखरोट और चेस्टनट के पौधारोपण को बढ़ावा देने, स्थानीय मीट उत्पादों के बेहतर विपणन की दिशा में कार्य करने तथा भेड़पालकों की समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा की। उन्होंने प्राकृतिक खेती से जुड़ी फसलों के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य का उल्लेख करते हुए बताया कि गेहूं का समर्थन मूल्य 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्का का 50 रुपये प्रति किलोग्राम, पांगी घाटी में उत्पादित जौ का 80 रुपये प्रति किलोग्राम, हल्दी का 150 रुपये प्रति किलोग्राम तथा अदरक का 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं पर फोकस

मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना तैयार करने, छात्रावास निर्माण पर विचार करने तथा शैक्षणिक सत्र के आरंभ और समापन के समय हेली-टैक्सी सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने सीबीएसई विद्यालयों में प्रवेश की सुविधा सुनिश्चित करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का प्रशिक्षण देने की बात कही गई, ताकि दुर्गम क्षेत्र में तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही मोबाइल नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी दूरसंचार कंपनियों से समन्वय करने का आश्वासन दिया गया, जिससे क्षेत्र में संचार व्यवस्था को बेहतर किया जा सके।

पर्यटन, पंचायत और सामाजिक योजनाओं से जुड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने, प्राकृतिक पंचायत का दर्जा देने के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास करने की बात कही। उन्होंने राशन डिपो में खाद्यान्न कोटा बढ़ाने, बाढ़ सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन वॉल निर्माण की संभावनाओं पर विचार करने तथा वन भूमि का उपयुक्त क्षेत्र चिन्हित कर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 1,500 रुपये प्रतिमाह देने, दो स्थानीय महिला मंडलों को दो-दो लाख रुपये और एक युवक मंडल को एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई।

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