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Himachal Cloudburst / हिमाचल के मंडी में बादल फटने से भारी तबाही, मां-बेटे समेत तीन की मौत, सैकड़ों वाहन और घर मलबे में दबे

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 30 Jul 2025 • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार देर रात बादल फटने (Himachal Cloudburst) से चारों ओर तबाही का मंजर देखने को मिला। देर रात करीब 3 बजे हुई इस प्राकृतिक आपदा ने मंडी शहर के जेल रोड, दौला कॉलोनी, सैण मोहल्ले और तुंगल कॉलोनी में तबाही मचाई। लगभग ढाई किलोमीटर क्षेत्र में बाढ़ और मलबे से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

मंडी:

जेल रोड पर बादल फटने से मचा हाहाकार
जेल रोड से 400 मीटर ऊपर गंधर्व जंगल में बादल फटने (Himachal Cloudburst)से जलप्रलय जैसी स्थिति पैदा हो गई। बाढ़ में फंसे ऑटो को निकालने की कोशिश में पूर्व पार्षद कृष्णा देवी के परिवार के तीन लोग – सपना कुमारी (47), उनका बेटा अमनप्रीत (25) और देवर बलवीर सिंह (45) – बह गए। महिला का शव घर के पास कारों के नीचे से बरामद हुआ, जबकि अमनप्रीत और बलवीर का शव 50 मीटर दूर से मिला। पति दर्शन सिंह घायल हो गए, उनकी टांग टूट गई है और वह अस्पताल में उपचाराधीन हैं।

मलबे और तेज बहाव से घरों में घुसा पानी, सैकड़ों लोग बेघर
50 से ज्यादा घरों और दुकानों में मलबा और बड़े पत्थर घुस गए। कई लोग अपने घर छोड़कर रिश्तेदारों और सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। प्रशासन ने 22 पीड़ितों को पड्डल स्थित गुरुद्वारे में ठहराया है। तुंगल कॉलोनी में एक घर में पानी घुसने से तीन लोगों को रेस्क्यू कर निकाला गया। कल्याण धाम आश्रम के पास नाले में उफान आने से 30 से ज्यादा बाइक और एक पिकअप गाड़ी मलबे में दब गई।

भूस्खलन से हाईवे बंद, परिवहन और बिजली व्यवस्था ठप
भारी बारिश से मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। यहां 259 सड़कें बंद हो गईं, 172 ट्रांसफार्मर और 47 पेयजल योजनाएं ठप हो गईं। चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण 15 घंटे तक यातायात बंद रहा। मंगलवार शाम 5 बजे जोगनी मोड़ के पास वनवे ट्रैफिक शुरू हो पाया। कांगड़ा में भूस्खलन से पठानकोट-मंडी एनएच 32 मील तक बंद रहा। कुल्लू में 47 सड़कें और चंबा में 71 मार्ग बाधित रहे। हमीरपुर और ऊना जिलों में भी बारिश से नुकसान हुआ।

प्रशासन का राहत अभियान, सरकार ने जताया शोक
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य चला रही हैं। मंगलवार सुबह से लेकर शाम तक मलबा हटाने और रास्तों को बहाल करने का काम जारी रहा।

जीवित बचे दर्शन सिंह की दर्दनाक आपबीती
बाढ़ में तीन अपनों को खो चुके दर्शन सिंह ने बताया कि सोमवार रात परिवार ने साथ में खाना खाया था। देर रात अचानक तेज आवाज सुनकर वह घर से बाहर निकले। पानी के बहाव में फंसकर पत्नी, बेटा और भाई की मौत हो गई। दर्शन ने तेज बहाव के बीच शटर पकड़कर अपनी जान बचाई, लेकिन एक टांग टूट गई। अस्पताल में भर्ती दर्शन बार-बार कह रहे हैं कि उनका पूरा परिवार खत्म हो गया है।