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हिमाचल में बड़ा फैसला: सीएम का 50%, मंत्रियों का 30% और विधायकों का 20% वेतन स्थगित

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 19 Apr 2026 • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

आर्थिक चुनौतियों के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के वेतन का हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया है। अधिसूचना के अनुसार सीएम का 50%, मंत्रियों का 30% और विधायकों का 20% वेतन रोका जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय स्थिति सुधरने पर यह राशि वापस जारी की जाएगी।

शिमला

आर्थिक चुनौतियों के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के वेतन का हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है, जो अप्रैल माह से लागू हो गई है।अधिसूचना के अनुसार मुख्यमंत्री के वेतन का 50 प्रतिशत हिस्सा स्थगित किया गया है, जबकि उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का 30 प्रतिशत और सभी विधायकों का 20 प्रतिशत वेतन फिलहाल रोका जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कोई स्थायी कटौती नहीं है, बल्कि अस्थायी स्थगन है। वित्तीय स्थिति में सुधार होने पर यह राशि संबंधित जनप्रतिनिधियों को वापस जारी की जाएगी।बताया गया है कि यह निर्णय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में बजट घोषणा के तहत लिया गया है, जिसके अनुसार यह व्यवस्था छह महीने तक लागू रहेगी। हालांकि अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि जैसे ही वित्तीय हालात बेहतर होंगे, स्थगित राशि जारी कर दी जाएगी।

सरकार ने प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने का दावा किया है। ई-सैलरी सिस्टम में वेतन और स्थगित राशि अलग-अलग दर्शाई जाएगी, जिससे सैलरी स्लिप में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध होगी।अधिसूचना में यह भी साफ किया गया है कि आयकर समेत सभी वैधानिक कटौतियां पूरे वेतन पर ही लागू रहेंगी। स्थगित राशि की गणना टैक्स और अन्य कटौतियों के बाद की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या वित्तीय जटिलता न आए।इसके अलावा जिन जनप्रतिनिधियों ने हाउस बिल्डिंग या मोटर कार एडवांस लिया है, उनके लिए भी विशेष प्रावधान तय किए गए हैं।सरकार के इस फैसले को वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के संतुलन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।