हिमाचल में 100 से कम छात्र संख्या वाले कॉलेज होंगे बंद, 10 संस्थानों की सूची तैयार
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश में सरकार ने 100 से कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत 10 कॉलेजों की पहचान कर ली गई है और फाइनल परीक्षाओं के बाद कार्रवाई शुरू होगी। छात्रों को अन्य कॉलेजों में शिफ्ट करने के लिए ₹5 हजार स्टाइपेंड देने की भी योजना बनाई गई है।
शिमला
हिमाचल प्रदेश में स्कूलों के बाद अब कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों पर भी सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार ने 100 से कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों को डिनोटिफाई करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है और 10 कॉलेजों की सूची भी तैयार कर ली गई है।जानकारी के अनुसार शिमला जिले के टिक्कर (6 छात्र), कुपवी (53) और ननखड़ी (66) कॉलेज इस सूची में शामिल हैं। मंडी जिले के संघोल (38) और कोटली (70), कांगड़ा के हरिपुर गुलेर (32) और मुल्थान (59), चंबा के भलेई (19), सोलन के जयनगर (68) और लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी (40) कॉलेजों में भी छात्र संख्या काफी कम पाई गई है।
सरकार इन कॉलेजों को फाइनल परीक्षाओं के बाद डिनोटिफाई करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। जिन कॉलेजों में 75 से कम छात्र हैं, उन्हें नजदीकी कॉलेजों में मर्ज किया जाएगा।छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने विशेष व्यवस्था भी की है। यदि छात्र जिला मुख्यालय के कॉलेज में दाखिला लेते हैं, तो उन्हें प्रतिमाह ₹5 हजार स्टाइपेंड दिया जाएगा। वहीं अन्य छात्रों को नजदीकी कॉलेजों में समायोजित किया जाएगा।गौरतलब है कि इससे पहले भी सरकार मार्च 2023 में 19 कॉलेजों को डिनोटिफाई कर चुकी है। अब सरकार पूर्व में खोले गए अन्य कॉलेजों की भी समीक्षा कर रही है। यदि इस वर्ष भी छात्र संख्या में वृद्धि नहीं होती है, तो और संस्थानों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया है। साथ ही विभाग को अन्य कॉलेजों में दाखिले की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।विलय की प्रक्रिया के दौरान संबंधित कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों और गैर-शिक्षकों को अन्य संस्थानों में समायोजित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और संसाधन-संतुलित बनाया जा सकेगा।