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हिमाचल के डिग्री कॉलेजों में मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा, ऑनलाइन पढ़ाई को मिलेगा तकनीकी समर्थन

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश के सरकारी डिग्री कॉलेजों में इंटरनेट कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने विभिन्न बैंडविड्थ की वार्षिक दरें तय की हैं। डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए कॉलेजों में हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।

शिमला

सरकारी कॉलेजों में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए जारी हुए आदेश

हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सरकारी डिग्री कॉलेजों में इंटरनेट सुविधा को मजबूत करने के लिए इंटरनेट लीज्ड लाइन कनेक्टिविटी के वार्षिक शुल्क निर्धारित कर दिए हैं। निदेशालय की ओर से जारी आदेशों में बताया गया है कि विभिन्न बैंडविड्थ श्रेणियों के लिए निविदा प्रक्रिया के माध्यम से दरें अंतिम रूप से तय की गई हैं। विभाग का उद्देश्य कॉलेजों में डिजिटल शिक्षण व्यवस्था को सुचारु बनाना और छात्रों को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री तक बेहतर पहुंच उपलब्ध करवाना है।आदेशों के अनुसार 10 एमबीपीएस इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए वार्षिक शुल्क 52,500 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि 20 एमबीपीएस के लिए 72,188 रुपये तय किए गए हैं। इसी प्रकार 50 एमबीपीएस कनेक्टिविटी के लिए 1,31,250 रुपये तथा 100 एमबीपीएस के लिए 1,87,500 रुपये वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है। इन सभी श्रेणियों के लिए बीएसएनएल को सेवा प्रदाता चुना गया है। वहीं 200 एमबीपीएस हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा के लिए 3,21,000 रुपये वार्षिक शुल्क तय किया गया है, जिसके लिए जियो सेवा प्रदाता रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये सभी शुल्क जीएसटी के अतिरिक्त होंगे।

कॉलेज अपनी आवश्यकता अनुसार चुन सकेंगे इंटरनेट सेवा

उच्च शिक्षा निदेशालय ने कॉलेज प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने संस्थान की आवश्यकता, छात्रों की संख्या और डिजिटल शिक्षण गतिविधियों के अनुसार इंटरनेट लीज्ड लाइन सुविधा का चयन कर सकते हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई अन्य इंटरनेट सेवा प्रदाता समान या कम शुल्क पर बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने को तैयार हो तो संबंधित कॉलेज उससे भी कनेक्टिविटी ले सकते हैं। आवश्यक औपचारिकताओं, तकनीकी प्रक्रिया और दस्तावेजों को पूरा करने के लिए कॉलेज प्रशासन सीधे संबंधित सेवा प्रदाता कंपनियों से संपर्क करेगा।विभाग का मानना है कि हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा उपलब्ध होने से कॉलेजों में ऑनलाइन कक्षाओं, डिजिटल नोट्स, वर्चुअल लेक्चर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इसके साथ ही छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री तक भी आसानी से पहुंच मिल सकेगी।

ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल लर्निंग को दिया जा रहा बढ़ावा

राज्य में शिक्षा विभाग डिजिटल शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने पर लगातार काम कर रहा है। स्कूलों और कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से छात्रों को टैबलेट वितरण, मुफ्त डेटा सुविधा और तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म को भी शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है ताकि छात्रों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण वातावरण उपलब्ध हो सके।शिक्षा विभाग की ओर से यह भी प्रयास किए जा रहे हैं कि विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए विभिन्न ऑनलाइन ऐप और अध्ययन प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाए जाएं। गूगल की ओर से भी छात्रों और शिक्षकों के लिए हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में डिजिटल शिक्षण ऐप उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। डिग्री कॉलेजों में छात्रों की डिजिटल पढ़ाई को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए तकनीकी कमियों को दूर करने, नए सॉफ्टवेयर अपडेट उपलब्ध करवाने और नियमित डेटा सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। विभाग आगामी समय में कॉलेज छात्रों के लिए विभिन्न ऑनलाइन कोर्स और ई-लर्निंग मॉड्यूल भी उपलब्ध करवाने की तैयारी में है।

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