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हिमाचल में स्कूल और प्रोफेशनल कोर्स में दाखिले से पहले छात्रों का ड्रग टेस्ट होगा / मुख्यमंत्री सुक्खू

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी और चिट्टे के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने शिक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े नए दिशा-निर्देश लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब स्कूलों और प्रोफेशनल कोर्स में दाखिले से पहले छात्रों का ड्रग टेस्ट किया जाएगा, साथ ही सरकारी नौकरी में चयनित अभ्यर्थियों के लिए भी यह जांच अनिवार्य होगी।

शिमला

मुख्य समाचार

हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राज्य सरकार ने चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की विस्तृत स्थिति साझा की है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि राज्य में नशा तस्करी और इसके उपयोग से जुड़े मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और इसके लिए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। सरकार का कहना है कि नशा नियंत्रण को लेकर प्रवर्तन एजेंसियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।

चिट्टा मामलों और प्रभावित व्यक्तियों की स्थिति

मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक चिट्टा सेवन और संबंधित मामलों में लगभग 12 हजार व्यक्तियों की पहचान की गई है। राज्य में कुल 234 पंचायतों को नशे के दृष्टिकोण से अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों को रेड जोन के रूप में चिन्हित किया गया है। इनमें शिमला जिले में 19, सोलन में 9, पुलिस जिला बद्दी में 26, मंडी में 24 और कुल्लू में 26 पंचायतें शामिल हैं। इन क्षेत्रों में नशे की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी और कार्रवाई की जा रही है तथा संबंधित विभागों को नियमित रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए हैं।

एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले और कार्रवाई

सरकारी जानकारी के अनुसार राज्य में एनडीपीएस एक्ट के तहत 6811 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले कार्यकाल की तुलना में लगभग 33 प्रतिशत अधिक हैं। इन मामलों में नशा तस्करी और संबंधित गतिविधियों पर कार्रवाई की जा रही है तथा जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। सरकार ने बताया कि अब तक 10 हजार से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और विभिन्न मामलों में बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही संगठित नेटवर्क की पहचान कर उस पर कार्रवाई की जा रही है।

निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था

राज्य में नशा नियंत्रण के लिए पुलिस और संबंधित एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से निगरानी की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच, सूचना आधारित कार्रवाई और अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि नशा तस्करी की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। प्रशासन का कहना है कि प्रवर्तन व्यवस्था को और मजबूत किया गया है तथा भविष्य में भी इस दिशा में कार्रवाई जारी रहेगी।