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मुख्यमंत्री ने विदेशों में रोजगार के लिए विदेशी भाषा के पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के दिए निर्देश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से विदेशी भाषा पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विदेशों में रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं की सहायता, सुरक्षा और बेहतर अवसर सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने तथा विभागीय योजनाओं की प्रभावी निगरानी के निर्देश भी दिए।

शिमला

विदेशी भाषा पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से विदेशी भाषा के पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एचपीएसईडीसी) के माध्यम से कुशल युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप भाषा कौशल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नए विदेशी भाषा पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।

विदेशों में कार्यरत युवाओं के लिए बनेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म

मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में रोजगार प्राप्त कर चुके हिमाचली युवाओं की सुरक्षा, संपर्क और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म विदेशों में कार्यरत युवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ आवश्यकता पड़ने पर सहायता और समन्वय स्थापित करने में उपयोगी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ऐसे देशों और संस्थानों की पहचान पर कार्य कर रही है, जहां युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर और उचित वेतन पैकेज मिल सकें।

एचपीएसईडीसी को मिला भर्ती एजेंसी का लाइसेंस

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार एचपीएसईडीसी के लिए भर्ती एजेंसी का लाइसेंस प्राप्त करने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाई जाएगी, जिससे युवाओं को सुरक्षित एवं नियमानुसार रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशों में कार्यरत युवाओं को किसी प्रकार की अनियमितता या शोषण का सामना न करना पड़े।

विभागीय योजनाओं की निगरानी के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रम एवं रोजगार विभाग को निर्देश दिए कि विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं का विवरण प्रभावी निगरानी के लिए मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाए। उन्होंने जनजातीय विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए वनाधिकार अधिनियम (एफआरए) से संबंधित सभी मामलों की प्रगति भी मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, सचिव प्रियंका बसु इंग्टी, राकेश कंवर, आशीष सिंहमार, श्रम एवं रोजगार आयुक्त वीरेंद्र शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।