हिमाचल में वन विभाग भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 500 फॉरेस्ट गार्ड पद समाप्त कर असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड पद सृजित
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन विभाग की भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए फॉरेस्ट गार्ड के 500 नियमित पद समाप्त कर दिए हैं और उनकी जगह 500 असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड के नए पद सृजित किए हैं। इस संबंध में जारी अधिसूचना के अनुसार अब इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया नई व्यवस्था के तहत की जाएगी और चयनित अभ्यर्थियों को तय मानदेय पर नियुक्त किया जाएगा।
शिमला
वन विभाग में भर्ती संरचना में बड़ा बदलाव लागू
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन विभाग के भीतर भर्ती व्यवस्था में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए फॉरेस्ट गार्ड के 500 नियमित पदों को समाप्त कर दिया है। इन पदों के स्थान पर 500 असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड के नए पद बनाए गए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) कमलेश कुमार पंत द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि यह बदलाव प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत किया गया है और इसे तुरंत प्रभाव से लागू किया गया है। इस निर्णय के बाद वन विभाग की भर्ती प्रक्रिया अब नए पदनाम और नई व्यवस्था के अनुसार संचालित होगी।
फिक्स वेतनमान और नियुक्ति की नई व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियमित वेतनमान के बजाय निश्चित मानदेय प्रदान किया जाएगा। सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधान के अनुसार इन पदों पर नियुक्त कर्मचारियों को 16,000 रुपये प्रतिमाह फिक्स सैलरी दी जाएगी। यह व्यवस्था पूर्व की नियमित वेतन प्रणाली से अलग होगी और पूरी तरह मानदेय आधारित मॉडल पर लागू की जाएगी, जिससे भर्ती और सेवा शर्तों में बदलाव आएगा।
वन मित्रों के लिए आरक्षण और चयन प्रक्रिया
सरकार ने इन नए सृजित पदों में 50 प्रतिशत आरक्षण वन मित्रों के लिए निर्धारित किया है। नियुक्ति प्रक्रिया रोस्टर प्रणाली के आधार पर संचालित की जाएगी, ताकि विभिन्न वर्गों को नियमानुसार अवसर मिल सके। विशेष प्रावधान के तहत वन मित्रों के लिए किसी प्रकार का पूर्व अनुभव अनिवार्य नहीं रखा गया है, जिससे अधिक अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यापक बनाने की दिशा में लागू की गई है।
विभागीय स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी
वन विभाग में किए गए इस बदलाव के बाद भर्ती प्रक्रिया अब नई अधिसूचना और निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी। विभागीय स्तर पर चयन, नियुक्ति और अन्य औपचारिकताओं को नए ढांचे के तहत पूरा किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय विभागीय संरचना को पुनर्गठित करने और भर्ती प्रणाली को नए स्वरूप में लागू करने के उद्देश्य से लिया गया है।