सिरमौर में सूखते जल स्रोतों पर प्रशासन सख्त, मौके पर जांच के आदेश
Himachalnow / नाहन
सिरमौर जिले में लगातार घटते और सूखते जल स्रोतों को लेकर प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाते हुए तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं। जल शक्ति विभाग ने मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। मामला अब प्रशासनिक स्तर पर पहुंचकर पेयजल संकट की आशंका को और गंभीर बना रहा है।
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जिला सिरमौर में लगातार घटते और सूखते जल स्रोतों को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जल शक्ति विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से मौके पर जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सिरमौर को 8 अप्रैल 2026 को भेजे गए पत्र के माध्यम से इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया गया था। प्रयास सोसायटी, ग्राम भारोग बनेड़ी, तहसील ददाहू की ओर से उठाए गए इस मुद्दे में बताया गया कि क्षेत्र में परंपरागत जल स्रोत तेजी से घट रहे हैं, जिससे आने वाले समय में पेयजल संकट गहराने का खतरा पैदा हो गया है।
मामले को गंभीर मानते हुए जल शक्ति सर्कल नाहन ने जल शक्ति मंडल नाहन के कार्यकारी अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करें। विभाग ने जांच में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश देते हुए तय समय में विस्तृत रिपोर्ट अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को सौंपने को कहा है। साथ ही रिपोर्ट की प्रतिलिपि संबंधित कार्यालयों और शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।सूत्रों के अनुसार, जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों के घटने की समस्या पिछले कुछ समय से लगातार सामने आ रही है, लेकिन अब यह मामला प्रशासनिक स्तर तक पहुंचने के बाद गंभीर रूप ले चुका है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो गर्मियों में पेयजल संकट और विकराल हो सकता है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जल स्रोतों के संरक्षण और प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि जल स्रोतों के घटने के पीछे प्राकृतिक कारण हैं या फिर मानवजनित हस्तक्षेप की भूमिका भी इसमें शामिल है।