Himachal Government: 16 राजकीय कॉलेजों में अप्रेंटिसशिप डिग्री प्रोग्राम लागू, BOAT-NR से समझौता
Himachal Government की पहल के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के 16 राजकीय महाविद्यालयों में अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम लागू किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (उत्तरी क्षेत्र), कानपुर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। पहले चरण में तीन बीकॉम कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिनमें कुल 685 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इस पहल का उद्देश्य स्नातक शिक्षा को उद्योग की व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ना है।
हिमाचल प्रदेश
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की उपस्थिति में BOAT-NR के निदेशक विवेक कुमार और संबंधित 16 राजकीय महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। शिक्षा मंत्री के अनुसार, कार्यक्रम के माध्यम से कक्षा में मिलने वाली शिक्षा और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच अंतर कम करने का प्रयास किया जाएगा। विद्यार्थियों को स्नातक डिग्री की पढ़ाई के साथ कार्यस्थल पर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे संबंधित क्षेत्रों की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
पहले चरण में तीन बीकॉम कार्यक्रम
अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम के तहत पांच पाठ्यक्रम लागू करने की मंजूरी दी गई है। पहले चरण में बीकॉम बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा यानी BFSI, बीकॉम रिटेल ऑपरेशंस मैनेजमेंट और बीकॉम लॉजिस्टिक्स शुरू किए गए हैं। बीकॉम BFSI का संचालन 11 महाविद्यालयों में किया जा रहा है, जबकि रिटेल ऑपरेशंस मैनेजमेंट दो और लॉजिस्टिक्स कार्यक्रम तीन महाविद्यालयों में शुरू हुआ है। इन तीनों कार्यक्रमों में पहले वर्ष के दौरान कुल 685 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बाद हिमाचल प्रदेश देश का तीसरा राज्य है, जहां इस प्रकार के अप्रेंटिसशिप आधारित डिग्री कार्यक्रम लागू किए गए हैं। विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया के आधार पर आने वाले वर्षों में इन्हें अन्य महाविद्यालयों तक विस्तारित करने की योजना है। भविष्य में बीए और बीएससी जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों में भी ऐसे कार्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा। उद्योग संपर्क, प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट सहायता के लिए कार्यक्रम को महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, BOAT-NR और CRISP के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।