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Himachal Government : देहरा में बनेंगे भूमिगत यूटिलिटी डक्ट, बनखंडी जूलॉजिकल पार्क के लिए 100 करोड़ रुपये जारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 45 Mins Ago • 1 Min Read

Himachal Government : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने देहरा में भूमिगत यूटिलिटी डक्ट बनाने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि 619 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे बनखंडी जूलॉजिकल पार्क के लिए 100 करोड़ रुपये और जारी किए गए हैं। देहरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 800 मछुआरों को मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना के तहत 3,500 रुपये प्रति लाभार्थी की सहायता भी वितरित की। उन्होंने कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभों तथा क्षेत्र की विकास परियोजनाओं की भी जानकारी दी।

कांगड़ा/देहरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। 67 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को पूरा एरियर, लीव एनकैशमेंट और ग्रेच्युटी दी जा चुकी है। एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वेतन एरियर के अतिरिक्त 20 हजार रुपये देने की घोषणा भी की गई। उन्होंने कहा कि प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के पेंशनरों के लिए मूल वेतन से जुड़ी शर्त हटाने के निर्देश दिए जाएंगे, जिसके बाद पात्र पेंशनरों को लंबित एरियर का 35 प्रतिशत भुगतान होगा।

मुख्यमंत्री के अनुसार इस भुगतान के बाद कर्मचारियों के कुल 57 प्रतिशत एरियर का निपटारा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उचित समय पर कर्मचारियों को महंगाई भत्ता भी देगी। मुख्यमंत्री ने इन कदमों को वित्तीय अनुशासन और जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के बावजूद सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों को वित्तीय लाभ देने के प्रयास कर रही है। साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में लोगों से सहयोग मांगा और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई करने की बात कही।

800 मछुआरों को आर्थिक सहायता

देहरा में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना के तहत 800 मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति लाभार्थी की वित्तीय सहायता दी। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी गई। उन्होंने बताया कि मछली पर रॉयल्टी 15 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत की गई है और वार्षिक मत्स्य प्रतिबंध अवधि के दौरान मछुआरों को 3,500 रुपये की सहायता दी जा रही है। विधायक कमलेश ठाकुर ने कहा कि यह सहायता मछुआरा परिवारों के परिश्रम और स्थानीय अर्थव्यवस्था में उनके योगदान की पहचान भी है।

देहरा में पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला में भूमिगत यूटिलिटी डक्ट का निर्माण शुरू किया गया है और इसी तरह का कार्य देहरा में भी किया जाएगा। देहरा विधानसभा क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं, जबकि ओजोन आधारित पेयजल परियोजना अगले वर्ष तक पूरी करने का लक्ष्य है। उन्होंने घोषणा की कि देहरा अस्पताल में एक वर्ष के भीतर उच्च स्तरीय अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की जाएगी। विधायक कमलेश ठाकुर ने बताया कि देहरा के लिए आवंटित कुल बजट का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा ग्राम पंचायतों को दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कांगड़ा को हिमाचल प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है। बनखंडी में 619 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का जूलॉजिकल पार्क विकसित किया जा रहा है। परियोजना पर अब तक 150 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और इसके लिए 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना से प्रदेश को लगभग 600 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व मिलने की संभावना है, जबकि जेएसडब्ल्यू मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद प्रदेश को करीब 150 करोड़ रुपये सालाना प्राप्त हो रहे हैं।

पौंग बांध विस्थापितों का मुद्दा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पौंग बांध विस्थापितों की समस्याओं से अवगत है। कई विस्थापित परिवारों के लिए पहले बोनाफाइड प्रमाणपत्र प्राप्त करना भी कठिन था। अब 200 विस्थापित परिवारों को मकान बनाने के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है और अन्य पात्र परिवारों को भी चरणबद्ध तरीके से योजना में शामिल किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान, पूर्व विधायक योगराज तथा प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।