Loading...

सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का होगा विस्तार, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शांडिल ने दी जानकारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 8 Hours Ago • 1 Min Read

प्रदेश सरकार सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक चिकित्सा तकनीक और नैदानिक सुविधाओं के विस्तार पर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि विभिन्न जिला अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से एमआरआई, डिजिटल मैमोग्राफी और हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें स्थापित की जा रही हैं, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

सोलन

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर सरकार का फोकस

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत घाट कुम्हाला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक से सुसज्जित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जिला एवं क्षेत्रीय अस्पतालों को आधुनिक उपकरणों से लैस कर विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

कई अस्पतालों में लगेंगी आधुनिक एमआरआई मशीनें

डॉ. शांडिल ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, बिलासपुर, कुल्लू, ऊना, जिला अस्पताल किन्नौर, डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नाहन, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला तथा पालमपुर में चरणबद्ध तरीके से 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें भी लगाई जा रही हैं, जिससे जटिल बीमारियों की जांच और उपचार की सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा।

डिजिटल मैमोग्राफी और हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की सुविधा

उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल नाहन और हमीरपुर, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, सोलन तथा धर्मशाला में डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें भी स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही 42 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी है, जिनमें से 14 मशीनें प्राप्त हो चुकी हैं। इनका उपयोग विशेष रूप से दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जांच, छाती संबंधी परीक्षण तथा टीबी की शीघ्र पहचान के लिए किया जाएगा।

स्वास्थ्य और शिक्षा को बताया प्राथमिकता

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है तथा इन क्षेत्रों के विकास के लिए संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। साथ ही पशुपालकों के हित में दूध खरीद पर प्रोत्साहन राशि 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जिससे किसानों और पशुपालकों को लाभ मिल रहा है।

जनसमस्याएं सुनीं, अधिकारियों को दिए निर्देश

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत घाट कुम्हाला की प्रधान हेमा तंवर ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक आवश्यकताओं से अवगत कराया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया।

Related Topics: