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सिरमौर की सखोली पंचायत ने शादी समारोहों के लिए नए सामाजिक नियम लागू किए, उल्लंघन पर ₹51 हजार जुर्माना

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 14 Hours Ago • 1 Min Read

सिरमौर जिले की सखोली ग्राम पंचायत ने विवाह समारोहों में सादगी को बढ़ावा देने और अनावश्यक खर्च कम करने के उद्देश्य से नए सामाजिक नियम लागू किए हैं। पंचायत ने निर्णय लिया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति पर ₹51 हजार का आर्थिक दंड लगाया जाएगा तथा सामूहिक भोज भी करवाना होगा।

पांवटा साहिब

विवाह समारोहों के लिए पंचायत ने लागू किए नए सामाजिक नियम

शिलाई विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सखोली में पंचायत प्रधान कमलेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विवाह समारोहों से जुड़े कई सामाजिक प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में उपप्रधान सुरेन्द्र शर्मा, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में विवाह आयोजनों को सादगीपूर्ण बनाने तथा अनावश्यक आर्थिक खर्च को कम करने पर सहमति बनी। पंचायत का कहना है कि इन निर्णयों का उद्देश्य सामाजिक समानता को बढ़ावा देना और विवाह समारोहों को सरल एवं संतुलित स्वरूप देना है।

आभूषण और पारंपरिक खर्च से जुड़े नियम तय

बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार पंचायत क्षेत्र में विवाह के दौरान दुल्हन केवल मंगलसूत्र, नाक की तीली, कानों के झुमके और पायल ही धारण करेगी। अन्य भारी आभूषण पहनने की परंपरा समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही विवाह में प्रचलित ‘मामा खर्च’ की परंपरा को भी समाप्त कर दिया गया है। अब केवल वास्तविक (सगे) मामा ही संबंधित रस्म में शामिल होंगे तथा बकरा या अन्य उपहार देने और लेने की परंपरा पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

बारात में वाहनों की संख्या भी की गई निर्धारित

पंचायत ने विवाह समारोहों के दौरान बारात में अधिकतम 10 वाहनों की अनुमति देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा रिश्ता तय करते समय होने वाली ‘माशा खान’ की परंपरा को भी समाप्त कर दिया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य सामाजिक आयोजनों में बढ़ते आर्थिक दबाव को कम करना और सभी परिवारों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है।

नियमों के उल्लंघन पर आर्थिक दंड का प्रावधान

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि कोई व्यक्ति पंचायत द्वारा निर्धारित सामाजिक नियमों का पालन नहीं करता है तो उस पर ₹51,000 का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त संबंधित व्यक्ति को पंचायत के लोगों के लिए सामूहिक भोज भी आयोजित करना होगा। पंचायत ने सभी ग्रामीणों से इन नियमों का पालन करने और सामाजिक सहयोग बनाए रखने की अपील की है।