पुलिस अधीक्षक राजेश वर्मा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, विभागीय कार्रवाई पर लगाई रोक
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस अधीक्षक राजेश वर्मा के खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने अगली सुनवाई तक जांच प्रक्रिया आगे न बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मामले में सरकार की कार्यप्रणाली पर भी कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणियां की हैं।
शिमला
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस वायरलेस विंग के पुलिस अधीक्षक राजेश वर्मा को बड़ी अंतरिम राहत देते हुए उनके खिलाफ जारी विभागीय कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग को निर्देश दिए हैं कि मामले की अगली सुनवाई तक विभागीय जांच की प्रक्रिया को आगे न बढ़ाया जाए।न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि कोई कर्मचारी अपनी शिकायत के निवारण के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करना उचित नहीं माना जा सकता।
अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि याचिकाकर्ता ने अंतरिम राहत के लिए मजबूत आधार प्रस्तुत किया है। इसी आधार पर सरकार द्वारा 27 जनवरी को जारी ज्ञापन के क्रियान्वयन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई।मामले के अनुसार पुलिस अधीक्षक राजेश वर्मा वर्ष 2010 के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को लागू करने की मांग उठा रहे थे। इसके बाद विभाग ने उन्हें 3 दिसंबर 2025 को निलंबित कर दिया था। इस निलंबन पर भी हाईकोर्ट पहले ही यह कहते हुए रोक लगा चुका है कि लगाए गए आरोप इतने गंभीर नहीं हैं कि निलंबन जैसी कार्रवाई आवश्यक हो।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अपने वैधानिक अधिकारों की मांग करने वाले किसी कर्मचारी को इस प्रकार प्रताड़ित नहीं किया जा सकता। अदालत ने फिलहाल विभागीय जांच पर पूर्ण रोक लगाते हुए सरकार और विभाग को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
