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पंचायत चुनाव के बाद शुरू होगी हिम बस प्लस कार्ड सुविधा, पुराने सभी ट्रैवल कार्ड होंगे मर्ज

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 4 Apr 2026 • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

एचआरटीसी पंचायत चुनाव के बाद हिम बस प्लस कार्ड सुविधा शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिससे सभी पुराने ट्रैवल कार्ड एक प्लेटफॉर्म पर आ जाएंगे। इस कार्ड के जरिए यात्रियों को छूट और कैशबैक जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे यात्रा प्रणाली अधिक सुव्यवस्थित होगी।

शिमला

यात्रियों के लिए नई सुविधा की तैयारी
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हिम बस प्लस कार्ड शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। इस कार्ड के लागू होने के बाद यात्रा से जुड़ी कई प्रक्रियाएं सरल हो जाएंगी और यात्रियों को एकीकृत प्रणाली का लाभ मिलेगा। निगम इस सुविधा को पंचायत चुनाव के बाद लागू करने की तैयारी में है, ताकि इसे व्यवस्थित तरीके से शुरू किया जा सके।

एक कार्ड में सभी ट्रैवल सुविधाएं होंगी शामिल
हिम बस प्लस कार्ड के जरिए अब तक जारी किए गए सभी अलग-अलग ट्रैवल कार्डों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इससे यात्रियों को कई कार्ड रखने की आवश्यकता नहीं रहेगी और सभी सेवाएं एक ही कार्ड के माध्यम से उपलब्ध होंगी। यह व्यवस्था खासतौर पर नियमित यात्रा करने वालों के लिए अधिक उपयोगी मानी जा रही है, क्योंकि इससे कार्ड प्रबंधन आसान होगा।

सालाना शुल्क और उपयोगिता
इस योजना के तहत यात्रियों को एक वर्ष के लिए 365 रुपये का भुगतान करना होगा। यह शुल्क पूरे साल के लिए मान्य रहेगा और यात्रियों को बार-बार टिकट या पास से जुड़ी औपचारिकताओं से राहत मिलेगी। नियमित रूप से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह कार्ड अधिक सुविधाजनक विकल्प के रूप में सामने आएगा।

छूट और कैशबैक से मिलेगी अतिरिक्त सुविधा
कार्ड के माध्यम से यात्रियों को टिकट पर सीधे पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके अलावा, जो यात्री लगातार यात्रा करते हैं, उन्हें कैशबैक के जरिए अधिकतम 30 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिल सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को आर्थिक रूप से भी सुविधा प्रदान करना और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देना है।

टिकटिंग प्रणाली में सुधार और लॉन्च की तैयारी
इस योजना के माध्यम से एचआरटीसी की टिकटिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना को पहले ही मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अब इसे पंचायत चुनाव के आसपास लागू करने की योजना है। जैसे-जैसे यात्री नया कार्ड बनवाएंगे, उनके पुराने पास और कार्ड स्वतः ही इसमें शामिल कर दिए जाएंगे, जिससे पूरी प्रणाली एकीकृत हो जाएगी।