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हिमाचल प्रदेश हिंदू महासभा अध्यक्ष सूरज भारद्वाज के विवाह समारोह में दिखेगी हिमाचली संस्कृति की झलक

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल

हिमाचल प्रदेश हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सूरज भारद्वाज का विवाह समारोह चंबा जिले के धुलारा गांव में आयोजित किया जाएगा। समारोह में हिमाचली लोक संस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोक गायकों की प्रस्तुतियों को शामिल किया जाएगा।

ऊना

हिमाचल प्रदेश हिंदू महासभा प्रदेश अध्यक्ष सूरज भारद्वाज की शादी बड़े धूमधाम से आयोजित होगी । जिसमें प्रदेश प्रभारी जितेन्द्र शर्मा सहित राष्ट्रीय कार्यकारणी उपस्थित रहेगी। यह आयोजन चंबा जिले के सिहुंता तहसील स्थित धुलारा गांव में सूरज भारद्वाज की शादी समारोह हिमाचली संस्कृति के रंग-बिरंगे स्वरूप को जीवंत करने वाला एक भव्य आयोजन बनने जा रहा है। इस विवाह में हिमाचल के प्रसिद्ध लोक गायकों—कमल नेहरिया, सुरेंद्र कपूर, अजय शर्मा, विनोद जरयाल और रोशनी कौशल—अपनी मधुर आवाजों और ऊर्जावान प्रस्तुतियों से माहौल को चार चांद लगा देंगे। पारंपरिक हिमाचली लोक गीतों जैसे ‘झुमका’, ‘नाटी’ और ‘गढ़वाली फाग’ से समा बांधने वाले ये कलाकार हिमाचल की अनूठी सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

शादी समारोह का आयोजन धुलारा के एक प्रमुख परिवार द्वारा किया जा रहा है, जहां सूरज भारद्वाज का विवाह स्थानीय परंपराओं के अनुरूप संपन्न होगा। बारात का स्वागत पारंपरिक ‘चुड़ैल नाच’ और ‘डंगली’ नृत्यों से होगा, जबकि विवाह मंडप में हिमाचली रीति-रिवाजों जैसे ‘मंडप फेरना’, ‘सिंदूरदान’ और ‘फेरे’ के बीच लोक संगीत की धुनें गूंजेंगी। कमल नेहरिया अपनी कर्णप्रिय लोक धुनों से दिल जीतेंगे, वहीं सुरेंद्र कपूर और अजय शर्मा की जोशीली प्रस्तुतियां नाच-गाने का आनंद दोगुना कर देंगी। विनोद जरयाल और रोशनी कौशल के गीत युवाओं को झूमने पर मजबूर कर देंगे।

इस आयोजन को लेकर धुलारा, सिहुंता और आसपास के गांवों में जबरदस्त उत्साह व्याप्त है। स्थानीय लोग इसे न केवल एक पारिवारिक समारोह बल्कि हिमाचली संस्कृति के उत्सव के रूप में देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से हमारी लोक कला और परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंचती हैं। समारोह में सैकड़ों अतिथियों के शामिल होने की उम्मीद है, जो हिमाचल की मेहमानवाजी का अनुभव करेंगे। यह शादी समारोह निश्चित रूप से सभी के लिए यादगार बन जाएगा, जो हिमाचल की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाएगा।