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हिमाचल हाईकोर्ट ने शास्त्री अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया पर लगाई रोक, सरकार को दिए निर्देश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल 2026 के प्रैस नोट के आधार पर जारी शास्त्री अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को अगले आदेशों तक चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं देने के निर्देश दिए हैं।

शिमला

25 अप्रैल के प्रैस नोट पर हाईकोर्ट की रोक

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शास्त्री और संस्कृत अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामले में अंतरिम आदेश जारी करते हुए 25 अप्रैल 2026 के प्रैस नोट के आधार पर आगे की नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। उक्त प्रैस नोट के माध्यम से ट्रेनी बेसिस पर नियुक्त किए जाने वाले शास्त्री और संस्कृत अध्यापकों की जिलेवार चयन सूची जारी की गई थी। मामले की सुनवाई न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ द्वारा की गई। डिंपल बाला और अन्य याचिकाकर्त्ताओं द्वारा दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने यह आदेश पारित किए।

राज्य सरकार को दिए गए स्पष्ट निर्देश

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि अगले आदेशों तक 11 अक्तूबर 2023 के उस सर्कुलर के आधार पर किसी भी प्रकार की नियुक्ति प्रक्रिया आगे न बढ़ाई जाए, जिसे पहले ही अदालत द्वारा निरस्त किया जा चुका है। अदालत ने यह भी कहा कि 25 अप्रैल 2026 के प्रैस नोट के तहत चयनित अभ्यर्थियों को फिलहाल नियुक्ति न दी जाए। याचिकाकर्त्ताओं ने अदालत में दायर याचिका में वर्ष 2023 में आयोजित भर्ती प्रक्रिया के आधार पर बीएड अभ्यर्थियों को शास्त्री पद पर नियुक्ति देने की प्रक्रिया को चुनौती दी है।

पहले के आदेशों का भी अदालत ने किया उल्लेख

कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि 30 दिसंबर 2024 को सीडब्ल्यूपी नंबर 9010/2023, हेमंत शर्मा बनाम राज्य सरकार मामले में 11 अक्तूबर 2023 के संबंधित सर्कुलर को रद्द किया जा चुका है। अदालत के अनुसार, जब संबंधित सर्कुलर पहले ही निरस्त हो चुका है, तब उसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना प्रथम दृष्टया उचित नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसे में उस सर्कुलर के आधार पर जारी की गई चयन प्रक्रिया और उससे संबंधित नियुक्तियों को लेकर न्यायिक परीक्षण आवश्यक है।

याचिकाकर्त्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया पर उठाए प्रश्न

याचिकाकर्त्ताओं का पक्ष है कि राज्य सरकार पूर्व में रद्द किए जा चुके सर्कुलर के अनुसार शास्त्री और संस्कृत अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने अदालत को बताया कि 25 अप्रैल 2026 के प्रैस नोट के जरिए ट्रेनी बेसिस पर नियुक्त किए जाने वाले उम्मीदवारों की जिलेवार चयन सूची अधिसूचित की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि पहले से निरस्त सर्कुलर के आधार पर की जा रही नियुक्तियां नियमानुसार नहीं हैं। फिलहाल मामले में हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद अगली सुनवाई तक भर्ती प्रक्रिया पर स्थिति यथावत रहेगी।

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