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211 करोड़ से ज्यादा का बजट मंजूर, अब श्रमिक कल्याण योजनाओं पर होगा बड़ा फोकस

PRIYANKA THAKUR • 7 Apr 2026 • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड ने प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकों के लिए बड़ा वित्तीय और प्रशासनिक खाका तैयार करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 211.47 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट को मंजूरी दे दी है।इस बजट में श्रमिकों और उनके परिवारों के सामाजिक सुरक्षा दायरे को मजबूत करने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

शिमला

हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड ने प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकों के लिए बड़ा वित्तीय और प्रशासनिक खाका तैयार करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 211.47 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट को मंजूरी दे दी है। इस बजट में श्रमिकों और उनके परिवारों के सामाजिक सुरक्षा दायरे को मजबूत करने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।शिमला में आयोजित बोर्ड की 54वीं निदेशक मंडल बैठक में यह स्पष्ट संकेत दिया गया कि आने वाले समय में बोर्ड केवल सहायता वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि श्रमिकों की आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और सेवा पहुंच को भी नए स्तर पर ले जाने की दिशा में काम करेगा।

बैठक में स्वीकृत बजट में से 105 करोड़ रुपये विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसका उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके आश्रितों को आर्थिक और सामाजिक सहारा उपलब्ध कराना है। बोर्ड ने इस बार योजनाओं के दायरे को अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में भी कई फैसले लिए।रोजगार और आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण से कौशल विकास को अहम प्राथमिकता दी गई है। श्रमिकों और उनके आश्रितों को बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियों के लिए भी अलग बजट रखा गया है।

बैठक में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर रहा। बोर्ड ने तय किया कि उसका मुख्यालय पुराने एसडीएम कार्यालय से स्थानांतरित कर हमीरपुर के नए बस स्टैंड परिसर में निर्माणाधीन भवन में स्थापित किया जाएगा। इस फैसले को सेवाओं के विस्तार और बेहतर संस्थागत व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।जमीनी स्तर पर बोर्ड की पहुंच बढ़ाने के लिए 100 श्रमिक मित्रों को आउटसोर्स आधार पर नियुक्त करने की मंजूरी भी दी गई है। माना जा रहा है कि इनकी तैनाती के बाद पंजीकरण, योजना लाभ, दस्तावेजी सहायता और अन्य सेवाओं को श्रमिकों तक अधिक तेज और व्यवस्थित तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।

डिजिटल पारदर्शिता और त्वरित सेवा वितरण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न पेंशन योजनाओं को ई-सोमसा प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत करने को भी स्वीकृति दी गई है। इसमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और बेटी जन्म योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इससे लाभार्थियों की पहचान, आवेदन प्रक्रिया और भुगतान प्रणाली को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।इसके साथ ही पंजीकृत श्रमिकों की ई-केवाईसी, भौतिक सत्यापन और दावों के समयबद्ध निपटान की प्रक्रिया को तेज करने पर भी बल दिया गया। सभी पात्र लाभार्थियों को हिमकेयर योजना से जोड़ने का निर्णय भी बैठक में लिया गया, ताकि स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे को और मजबूत किया जा सके।बैठक की अध्यक्षता बोर्ड अध्यक्ष नरदेव कंवर ने की। इस दौरान बोर्ड के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार सहित सरकारी और गैर-सरकारी सदस्य भी मौजूद रहे।