हिमाचल के मंडी जिले में सीबीएसई लागू होने के बाद सरकारी स्कूलों में 12 हजार से अधिक प्रवेश
Himachalnow / मंडी
हिमाचल के मंडी जिले में सरकारी स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड से जोड़े जाने के बाद 12 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश लिया है। प्रथम चरण में 23 स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है और कक्षा अनुसार नामांकन में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे शैक्षणिक सत्र के दौरान सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ी है।
मंडी
सीबीएसई लागू होने के बाद नामांकन स्थिति
सरकारी स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड के माध्यम से पढ़ाई शुरू किए जाने के बाद मंडी जिले में विद्यार्थियों के प्रवेश में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। प्रथम चरण में 23 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई के अधीन किया गया है, जहां वर्तमान शैक्षणिक सत्र से विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। 16 अप्रैल 2026 तक इन स्कूलों में कुल 12,083 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जिससे नामांकन की स्थिति में वृद्धि देखी जा रही है।
स्कूलवार प्रवेश का विवरण
जिले के विभिन्न विद्यालयों में अलग-अलग संख्या में विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। जोगिंद्रनगर में 1050 और करसोग में 1031 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है। इसके अतिरिक्त बालीचौकी में 769, कोटली में 773, गोहर में 655, मंडी में 646, सुंदरनगर में 595, पधर में 592, जंजैहली में 593 तथा अन्य स्कूलों में भी सैकड़ों विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जिससे सभी चयनित स्कूलों में नामांकन की स्थिति संतुलित रूप से बढ़ी है।
कक्षा अनुसार नामांकन की स्थिति
बाल वाटिका से लेकर जमा दो तक प्रवेश प्रक्रिया जारी है। बाल वाटिका एक में 226, दो में 341 और तीन में 344 बच्चों ने प्रवेश लिया है। पहली से पांचवीं कक्षा तक सैकड़ों विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज किया गया है, जबकि छठी, सातवीं, आठवीं, नौवीं और दसवीं कक्षाओं में भी संख्या लगातार बढ़ी है। जमा एक में 1862 और जमा दो में 1873 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जो उच्च कक्षाओं में भी बढ़ते नामांकन को दर्शाता है।
प्रक्रिया और शैक्षणिक व्यवस्था
सभी चयनित स्कूलों में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार जारी है और स्कूल स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध हो सके।
विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया
कुछ विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने पूर्व में निजी स्कूलों में अध्ययन किया था और अब वे सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।