15 जून को हिमाचल में मेगा मॉक ड्रिल, कांगड़ा के उपमंडलों में 12 घंटे चलेगा अभ्यास
हिमाचल प्रदेश में 15 जून को आपदा प्रबंधन तैयारियों, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय क्षमता का आकलन करने के उद्देश्य से राज्यव्यापी मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। जिला कांगड़ा के विभिन्न उपमंडलों में यह अभ्यास सुबह 9:30 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक संचालित होगा। मॉक ड्रिल के दौरान संभावित आपदा परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों, संसाधनों की उपलब्धता तथा विभागीय प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण किया जाएगा, ताकि आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
धर्मशाला
राज्यव्यापी मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन
आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों, संसाधनों की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करने के उद्देश्य से 15 जून 2026 को पूरे हिमाचल प्रदेश में राज्यव्यापी मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि जिला कांगड़ा के विभिन्न उपमंडलों में यह अभ्यास निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित किया जाएगा। मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवाएं, लोक निर्माण विभाग, विद्युत बोर्ड, जल शक्ति विभाग, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) तथा अन्य संबंधित एजेंसियों की समन्वित कार्यप्रणाली का परीक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य संभावित आपदा की स्थिति में उपलब्ध संसाधनों और प्रतिक्रिया तंत्र की वास्तविक समय में समीक्षा करना है।
12 घंटे तक चलेगा अभ्यास
उपायुक्त के अनुसार मॉक ड्रिल सुबह 9:30 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक, कुल 12 घंटे की अवधि में संचालित की जाएगी। इस दौरान विभिन्न संभावित आपदा परिदृश्यों के आधार पर राहत एवं बचाव गतिविधियों का अभ्यास किया जाएगा। संबंधित विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया, संचार व्यवस्था, नियंत्रण कक्षों की कार्यप्रणाली, आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता तथा प्रभावित क्षेत्रों तक सहायता पहुंचाने की क्षमता का भी मूल्यांकन किया जाएगा। अभ्यास के दौरान विभागों के बीच सूचना आदान-प्रदान और निर्णय प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का होगा मूल्यांकन
मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मानकों का परीक्षण किया जाएगा, जिसमें राहत एवं बचाव दलों की तैनाती, चिकित्सा सहायता, निकासी प्रक्रिया, संचार नेटवर्क तथा संसाधनों के उपयोग की क्षमता शामिल है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में संबंधित एजेंसियां निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। अभ्यास के दौरान प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर संभावित कमियों की पहचान की जाएगी और आवश्यक सुधारात्मक उपायों के लिए संबंधित विभागों को सुझाव दिए जाएंगे, ताकि भविष्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
नागरिकों से सहयोग की अपील
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने जिला कांगड़ा के नागरिकों से मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन और संबंधित विभागों को सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक पूर्व निर्धारित अभ्यास है, जिसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों का आकलन करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यास आपदा की स्थिति में जनहानि और संपत्ति के नुकसान को कम करने, राहत एवं बचाव कार्यों को व्यवस्थित बनाने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अभ्यास के दौरान जारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें।