न्यूनतम बस किराया दोगुना करने के फैसले का चौतरफा विरोध, अब सरकार राहत देने पर कर रही विचार
दूरी के हिसाब से दो स्लैब बनाने की तैयारी
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा न्यूनतम बस किराया ₹5 से बढ़ाकर ₹10 करने के फैसले का प्रदेशभर में तीव्र विरोध देखने को मिला है। आम यात्रियों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इस निर्णय को जनविरोधी करार दिया है। बढ़ते विरोध को देखते हुए अब सरकार इस फैसले में संशोधन कर राहत देने की दिशा में कदम उठा रही है।
सरकार बना रही दो नए किराया स्लैब
सूत्रों के अनुसार, सरकार अब न्यूनतम किराये के लिए दो स्लैब लागू करने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार:
- 0 से 2 किलोमीटर तक किराया ₹5 ही रहेगा।
- 2 से 4 किलोमीटर तक न्यूनतम किराया ₹10 किया जाएगा।
- 4 किलोमीटर से अधिक दूरी पर पहले की तरह प्रति किलोमीटर ₹2.19 की दर लागू रहेगी।
इस तरह का बदलाव उन यात्रियों को राहत देगा जो छोटी दूरी के लिए बस सेवा का उपयोग करते हैं। सरकार अब इस संशोधित व्यवस्था को अधिसूचना के माध्यम से लागू करने की योजना बना रही है।
मंत्रिमंडल में भी मतभेद, फैसले का हो रहा विरोध
बताया जा रहा है कि जब यह प्रस्ताव कैबिनेट में आया था, तब कुछ मंत्री भी न्यूनतम किराया दोगुना करने के पक्ष में नहीं थे। यह प्रस्ताव पहले भी एक बार मंत्रिमंडल में आ चुका था, लेकिन दूसरी बार सहमति बनते ही इसे पारित कर दिया गया। फैसले के लागू होते ही जनता, विपक्षी दल भाजपा और माकपा ने इसका खुलकर विरोध शुरू कर दिया।
एचआरटीसी ने भेजा था प्रस्ताव
हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि, “एचआरटीसी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने न्यूनतम किराया ₹5 से बढ़ाकर ₹10 करने का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा था। अब सरकार इस पर पुनर्विचार कर रही है ताकि जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।”