हिमाचल प्रदेश ओबीसी (OBC) आयोग में नियुक्तियों पर छिड़ा विवाद: भाजपा ओबीसी मोर्चा ने सुक्खू सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल
हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा की गई दो नए सदस्यों की नियुक्तियों को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा ने इन नियुक्तियों को लेकर कड़ा ऐतराज जताते हुए सरकार पर ‘रेवड़ियां’ बांटने और ओबीसी वर्ग के शोषण का आरोप लगाया है।
ऊना
हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा की गई दो नए सदस्यों की नियुक्तियों को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा ने इन नियुक्तियों को लेकर कड़ा ऐतराज जताते हुए सरकार पर ‘रेवड़ियां’ बांटने और ओबीसी वर्ग के शोषण का आरोप लगाया है।
प्रमुख आरोप और आपत्तियां
भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और ऊना भाजपा मोर्चा के प्रभारी जय देव सिंह खट्टा तथा ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष मनोहर लाल चौधरी ने एक संयुक्त प्रेस नोट जारी कर इन नियुक्तियों पर सवाल उठाए हैं।
अपात्रता का आरोप
मोर्चा का दावा है कि नियुक्त किए गए दोनों सदस्य अन्य वर्गों से संबंध रखते हैं, जो ओबीसी आयोग के मूल उद्देश्य के खिलाफ है।अपनों को लाभ: नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने केवल अपने ‘मित्रों’ को उपकृत करने के लिए यह नियुक्तियां की हैं, जिसे उन्होंने “मित्रों को रेवड़ियां बांटना” करार दिया।वर्ग की अनदेखी: जय देव सिंह खट्टा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ओबीसी वर्ग की संख्या बहुत अधिक है, लेकिन सरकार ने पात्र ओबीसी नेताओं की अनदेखी कर यह संदेश दिया है कि उनके पास योग्य लोगों की कमी है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रेस नोट के माध्यम से भाजपा ओबीसी मोर्चा ने सरकार से इन नियुक्तियों को तुरंत रद्द करने की मांग की है। मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि:ओबीसी आयोग के पदों पर केवल ओबीसी वर्ग के विशेषज्ञों और व्यक्तियों को ही नियुक्त किया जाए।यदि सरकार अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करती है, तो ओबीसी मोर्चा एकजुट होकर पूरे प्रदेश में सरकार के विरुद्ध उग्र आंदोलन शुरू करेगा।
कांग्रेस की मंशा पर सवाल
मोर्चा नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की मंशा हमेशा से ओबीसी हितों पर ‘चोट’ करने की रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल वोट बैंक की राजनीति करती है और असल में पिछड़े वर्गों का विकास नहीं चाहती।
उपस्थिति
इस अवसर पर ओबीसी मोर्चा के कई पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से एडवोकेट रितेश पटियाल, पवन सैनी, तरसेम लाल, वरिंदर चौधरी, परवीन कुमार और कमलेश कुमार शामिल थे।