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NDPS / नशीली दवाइयों के मामले में मेडिकल स्टोर सील, आरोपी का नारकोटिक्स लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल

NDPS : ऊना जिले के अम्ब क्षेत्र में नशीली और प्रतिबंधित दवाइयों के मामले में ड्रग कंट्रोल विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई की है। विभाग ने मेडिकल स्टोर को सील करते हुए नारकोटिक्स लाइसेंस रद्द और रिटेल लाइसेंस को अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लिया है।

ऊना

विभाग की कार्रवाई और लाइसेंस रद्द
ऊना जिले के उपमंडल अम्ब के अंतर्गत धुसाड़ा में पकड़ी गई नशीली एवं प्रतिबंधित दवाइयों के मामले में ड्रग कंट्रोल विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए गोंदपुर बनेहड़ा स्थित आरोपी के मेडिकल स्टोर को सील कर दिया है। विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार आरोपी का नारकोटिक्स लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है, जबकि रिटेल लाइसेंस को 15 दिनों के लिए निलंबित किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई जांच के दौरान सामने आए तथ्यों, दस्तावेजों की स्थिति और संबंधित नियमों के उल्लंघन को ध्यान में रखते हुए की गई है।

मामले की पृष्ठभूमि और बरामदगी
असिस्टेंट डायरेक्टर ड्रग कंट्रोल अनूप शर्मा द्वारा जारी जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई 10 फरवरी को धुसाड़ा में पकड़ी गई नशीली दवाइयों के मामले से जुड़ी है। उस दिन अम्ब पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक कार को रोककर तलाशी ली थी, जिसमें से 31800 ट्रामाडोल टैबलेट, 3735 अल्प्राजोलम टैबलेट और 8000 प्रेगाबालिन टैबलेट बरामद की गई थीं। बरामद की गई दवाइयों की मात्रा और प्रकृति को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की थी।

पुलिस जांच और गिरफ्तारी
पुलिस ने मौके पर वाहन चालक एवं मालिक संजीव कुमार (42) निवासी गांव गोंदपुर बनेहड़ा (वर्तमान पता सेक्टर-44बी, चंडीगढ़) को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22, 61 और 85 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने सप्लाई चेन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की और जौनपुर (उत्तर प्रदेश) में छापेमारी कर दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन पर हिमाचल प्रदेश में नशीली दवाइयों की आपूर्ति से जुड़े होने के आरोप हैं। वर्तमान में इस मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और जांच से संबंधित अन्य प्रक्रियाएं जारी हैं।

रिकॉर्ड जांच में पाई गई अनियमितताएं
ड्रग इंस्पेक्टर रजत शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा मेडिकल स्टोर की विस्तृत जांच की गई, जिसमें दवाइयों के स्टॉक, बिक्री और खरीद से संबंधित रिकॉर्ड तथा दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। जांच के दौरान कई प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं, जो निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं थीं। इन निष्कर्षों के आधार पर विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मेडिकल स्टोर को सील किया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दवाइयों के भंडारण, वितरण और रिकॉर्ड से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई जारी रहेगी।