Loading...

हिमाचल में आउटसोर्स भर्ती के नए नियम लागू, अब वित्त विभाग की पूर्व मंजूरी के बिना नहीं होगी नियुक्ति

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 10 Hours Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया को लेकर नई गाइडलाइन जारी करते हुए सभी सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों के लिए वित्त विभाग की पूर्व लिखित मंजूरी अनिवार्य कर दी है। नई व्यवस्था के तहत बिना अनुमति की गई किसी भी नई आउटसोर्स नियुक्ति को अधिकृत नहीं माना जाएगा तथा पूर्व में जारी 13 अक्तूबर 2022 के आदेश भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।

शिमला

वित्त विभाग की पूर्व मंजूरी होगी अनिवार्य

हिमाचल प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और नियंत्रित बनाने के उद्देश्य से नई गाइडलाइन जारी की है। वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार अब किसी भी सरकारी विभाग, बोर्ड, निगम अथवा अन्य सरकारी संस्थान में आउटसोर्स आधार पर किसी कर्मचारी की नियुक्ति वित्त विभाग की पूर्व लिखित स्वीकृति के बिना नहीं की जा सकेगी। आदेश जारी होने के बाद विभिन्न विभागों ने नई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग ने भी जिला स्तर के अधिकारियों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक आदेश जारी किए हैं।

13 अक्तूबर 2022 के आदेश किए गए निरस्त

नई अधिसूचना के साथ राज्य सरकार ने 13 अक्तूबर 2022 को जारी आउटसोर्स भर्ती संबंधी पूर्व आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आउटसोर्सिंग केवल अस्थायी आवश्यकता की पूर्ति और नियमित भर्ती होने तक की वैकल्पिक व्यवस्था है। इसे सरकारी सेवाओं में नियमित नियुक्ति का विकल्प या स्थायी भर्ती व्यवस्था नहीं माना जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि विभागों को नियमित रिक्त पदों पर नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता देनी होगी।

स्वीकृत पद भरे होने पर आउटसोर्स भर्ती नहीं

नई गाइडलाइन के अनुसार जिन विभागों में स्वीकृत नियमित पद पहले से भरे हुए हैं, वहां आउटसोर्स आधार पर अतिरिक्त नियुक्तियां नहीं की जा सकेंगी। सरकार ने सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देश दिए हैं कि जहां नियमित पद रिक्त हैं वहां भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। साथ ही आउटसोर्सिंग का उपयोग केवल सीमित अवधि, विशेष परियोजनाओं अथवा तकनीकी एवं आवश्यकता आधारित सेवाओं के लिए ही किया जाएगा, ताकि नियमित भर्ती प्रणाली प्रभावित न हो।

बिना अनुमति नियुक्ति को नहीं मिलेगी मान्यता

नई नीति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वित्त विभाग की पूर्व लिखित स्वीकृति के बिना की गई किसी भी नई आउटसोर्स नियुक्ति को अधिकृत नहीं माना जाएगा। यदि कोई विभाग निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना भर्ती करता है, तो संबंधित सक्षम प्राधिकारी के विरुद्ध लागू नियमों के अनुसार प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि भविष्य में आउटसोर्स नियुक्तियों के प्रत्येक प्रस्ताव को निर्धारित प्रक्रिया के तहत वित्त विभाग की स्वीकृति के लिए भेजा जाए।