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हिमाचल पंचायत चुनाव से पहले मंडी और बिलासपुर में मत पत्र गुम, प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 10 Hours Ago • 1 Min Read

मंडी और बिलासपुर जिलों में पंचायत चुनाव प्रक्रिया के दौरान मत पत्र गुम होने के मामलों के बाद प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है, गुम हुए मत पत्रों को अमान्य घोषित किया गया है और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की विभागीय तथा पुलिस जांच जारी है।

मंडी/बिलासपुर

चौंतड़ा ब्लॉक में प्रधान पद से जुड़े 30 मत पत्र कम पाए गए

मंडी जिले के जोगिंद्रनगर उपमंडल के तहत आने वाले चौंतड़ा विकास खंड में पंचायत चुनाव प्रक्रिया के दौरान 30 मत पत्र गुम होने का मामला सामने आया है। यह मत पत्र पंचायत गलू के वार्ड नंबर-3 से संबंधित थे और प्रधान पद के लिए उपयोग किए जाने थे। मत पत्र लेखन और आवंटन का कार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौंतड़ा में चल रहा था। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार पंचायत गलू के कुल पांच वार्डों के लिए 1410 मत पत्र जारी किए गए थे, लेकिन रिकॉर्ड मिलान के दौरान 30 मत पत्र कम पाए गए।मामले की जानकारी सामने आने के बाद खंड विकास अधिकारी अनुभव तनवर ने इसकी सूचना तुरंत एसडीएम जोगिंद्रनगर को दी। इसके बाद एसडीएम मौके पर पहुंचे और चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों तथा संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की। प्रशासन ने प्रारंभिक स्तर पर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड और मत पत्रों की जांच शुरू कर दी है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि मत पत्र किस चरण में कम पाए गए।

एआरओ सहित नौ कर्मचारियों को हटाया गया, प्राथमिकी दर्ज

मामले में प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एआरओ सहित चुनाव ड्यूटी में तैनात नौ कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा दिया है। जोगिंद्रनगर पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है और राज्य निर्वाचन आयोग को भी विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई है। उपायुक्त मंडी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत अपूर्व देवगन ने पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं।प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि गुम हुए सभी 30 मत पत्रों को अमान्य घोषित कर दिया गया है ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे। अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। प्रशासन अब चुनाव सामग्री के रखरखाव और रिकॉर्ड सत्यापन प्रक्रिया की भी समीक्षा कर रहा है।

सयोग पंचायत के वार्ड नंबर-5 का चुनाव रद्द

इसी बीच मंडी जिले के सदर विकास खंड के तहत ग्राम पंचायत सयोग के वार्ड नंबर-5 में प्रस्तावित पंचायत चुनाव भी रद्द कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने वार्ड सदस्य पद के उम्मीदवार भीम सिंह पुत्र किशन चंद के निधन के बाद यह निर्णय लिया। जानकारी के अनुसार उम्मीदवार का 21 मई को आकस्मिक निधन हो गया था, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर-कम-एसडीएम सदर मंडी की ओर से आयोग को रिपोर्ट भेजी गई।राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 243 तथा पंचायती राज अधिनियम के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए चुनाव प्रक्रिया निरस्त की गई है। अब वार्ड नंबर-5 में सदस्य पद के लिए नए सिरे से डी-नोवो चुनाव कराया जाएगा। आयोग ने संकेत दिए हैं कि नई चुनाव तिथि और कार्यक्रम जल्द जारी किए जाएंगे।

बामटा पंचायत में 50 मत पत्र गुम, आयोग ने किए अमान्य

बिलासपुर जिले की पंचायत बामटा में भी पंचायत चुनाव प्रक्रिया के दौरान 50 मत पत्र गुम होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार पंचायत बामटा के वार्ड नंबर-01 जंगल सुंगल में प्रधान पद के उम्मीदवारों के नाम मत पत्रों पर अंकित किए जा रहे थे। इसी दौरान मत पत्र क्रमांक 58001 से 58050 तक रिकॉर्ड से गायब पाए गए।यह पूरी प्रक्रिया सहायक रिटर्निंग अधिकारी के रूप में कार्यरत डॉ. दिनेश कुमार की निगरानी में संचालित हो रही थी। मत पत्र गुम होने की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने विस्तृत रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी। आयोग ने दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए संबंधित सभी 50 मत पत्रों को तत्काल प्रभाव से अमान्य घोषित कर दिया है।

आयोग ने जारी किए विशेष निर्देश

उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है और पुलिस जांच जारी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला अधिकारियों और चुनाव ड्यूटी से जुड़े कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि संबंधित मत पत्र राज्य में कहीं भी प्राप्त होते हैं या किसी मतपेटी में पाए जाते हैं तो इसकी सूचना तुरंत आयोग को दी जाए।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार दोनों जिलों में सामने आए मामलों के बाद पंचायत चुनाव प्रक्रिया में सुरक्षा, रिकॉर्ड सत्यापन और मत पत्र प्रबंधन को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। निर्वाचन आयोग भी सभी संबंधित रिपोर्टों की समीक्षा कर रहा है।