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सरकारी कर्मचारी द्वारा प्रधान पद का नामांकन भरने पर जांच शुरू, कानूनी कार्रवाई की तैयारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 16 Hours Ago • 1 Min Read

कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र में पंचायत प्रधान पद के लिए एक सरकारी कर्मचारी द्वारा नामांकन दाखिल करने का मामला सामने आया है। प्रशासन ने मामले की दोबारा जांच शुरू करते हुए नामांकन रद्द करने और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कांगड़ा

सरकारी कर्मचारी ने दाखिल किया प्रधान पद के लिए नामांकन

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया के बीच कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र की पंचायत कोपड़ा से संबंधित एक मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार जल शक्ति विभाग में कार्यरत एक वरिष्ठ सहायक ने पंचायत प्रधान पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था। नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रारंभिक स्तर पर संबंधित अभ्यर्थी के दस्तावेज स्वीकार कर लिए गए और उन्हें चुनाव चिह्न भी आवंटित कर दिया गया। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद निर्वाचन प्रक्रिया की समीक्षा शुरू की गई है।

पुनः स्क्रूटनी के दौरान सामने आया मामला

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सहायक निर्वाचन अधिकारी की ओर से प्रधान पद के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की दोबारा स्क्रूटनी की जा रही है। इसी दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित अभ्यर्थी जल शक्ति विभाग में सरकारी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। पंचायती राज चुनाव नियमों के तहत सरकारी कर्मचारी पंचायत चुनाव लड़ने के पात्र नहीं होते। मामले के सामने आने के बाद निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी दोबारा जांच की जा रही है ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि की स्थिति स्पष्ट हो सके।

नामांकन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

अधिकारियों के अनुसार नियमों के अनुरूप संबंधित उम्मीदवार का नामांकन रद्द किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित नियमों और प्रावधानों के तहत संचालित किया जाएगा। नामांकन रद्द होने के बाद पंचायत प्रधान पद के लिए चुनाव मैदान में पांच उम्मीदवार शेष रह जाएंगे। वहीं प्रशासनिक स्तर पर यह भी जांच की जा रही है कि प्रारंभिक जांच के दौरान अभ्यर्थी की पात्रता से जुड़ी जानकारी किस स्तर पर सत्यापित नहीं हो पाई।

कानूनी कार्रवाई को लेकर भी हो रही प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार मामले में निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित नियमों के उल्लंघन और प्रक्रिया प्रभावित करने के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। संबंधित कर्मचारी के खिलाफ आवश्यक प्रावधानों के तहत कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक और कानूनी राय ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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