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सिरमौर में 2344 सीटों पर मुकाबला, जानिए किस जिले में कितनी सीटें… पंचायत चुनाव की तस्वीर साफ

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 2 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / नाहन

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर स्थिति अब पूरी तरह स्पष्ट होती नजर आ रही है। प्रदेश भर की पंचायती राज संस्थाओं की मतदाता सूची तैयार हो चुकी है और सभी उपायुक्तों ने अपनी रिपोर्ट राज्य चुनाव आयोग को भेज दी है। इसके साथ ही चुनावी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।

शिमला

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर स्थिति अब पूरी तरह स्पष्ट होती नजर आ रही है। प्रदेश भर की पंचायती राज संस्थाओं की मतदाता सूची तैयार हो चुकी है और सभी उपायुक्तों ने अपनी रिपोर्ट राज्य चुनाव आयोग को भेज दी है। इसके साथ ही चुनावी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।सोमवार को मतदाता सूचियों को अंतिम रूप दिया गया, जिससे चुनावी गतिविधियों को निर्णायक गति मिल गई है। अब राज्य चुनाव आयोग आंकड़ों को संकलित कर चुनाव कार्यक्रम जारी करने की तैयारी में जुटा है। माना जा रहा है कि मंगलवार को चुनावी तारीखों की घोषणा के साथ ही प्रदेश की पंचायतों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो सकती है।

प्रदेश में 31 मई तक तीन स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत पंचायतों का गठन किया जाना है। इस बार कुल 31,214 सीटों पर चुनाव होंगे, जिससे गांव-गांव में सियासी हलचल तेज हो गई है। संभावित प्रत्याशी पहले ही सक्रिय हो चुके हैं और घर-घर जाकर समर्थन जुटाने में लगे हैं।राज्य की 450 से अधिक पंचायतों की मतदाता सूची को अंतिम रूप मिलने के बाद मुकाबला और रोचक हो गया है। पंचायत से लेकर जिला परिषद तक हर पद के लिए दावेदारों की लंबी कतार है, जिससे इस बार चुनावी जंग कड़ी होने के आसार हैं।

अगर जिला वार आंकड़ों पर नजर डालें तो कांगड़ा में सबसे ज्यादा 6977 सीटों पर चुनाव होगा। इसके अलावा मंडी में 4762, शिमला में 3523, चंबा में 2584, सिरमौर में 2344, सोलन में 2216, ऊना में 2139, कुल्लू में 2043, हमीरपुर में 1998, बिलासपुर में 1615, किन्नौर में 635 और लाहौल-स्पीति में 378 सीटों पर मतदान होगा।कुल्लू जिले की चार पंचायतों में फिलहाल चुनाव नहीं होंगे, जबकि केलांग और पांगी क्षेत्र की 54 पंचायतों में भी कार्यकाल शेष होने के बावजूद एक साथ चुनाव करवाने की तैयारी है। इसके आदेश जारी होना बाकी हैं।शहरी क्षेत्रों में जहां पहले ही आचार संहिता लागू हो चुकी है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी घोषणा का इंतजार है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही पूरे प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के साथ चुनावी माहौल और गर्माने की संभावना है।