हिमाचल: पटवारी और कानूनगो की हड़ताल, पैन डाउन स्ट्राइक से राजस्व कार्य ठप
हिमाचल प्रदेश में पटवारी और कानूनगो शुक्रवार से पैन डाउन स्ट्राइक पर चले गए हैं, जिससे राजस्व कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। इस हड़ताल के चलते प्रदेशभर में हिमाचली प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, कृषक प्रमाणपत्र, जमीनों की रजिस्ट्रियां, इंतकाल और ऋण संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पटवारी और कानूनगो पटवार सर्किल बंद कर तहसीलों में बैठेंगे और केवल आपदा संबंधित कार्य ही करेंगे।
क्यों हो रही है हड़ताल?
पटवारी-कानूनगो संघ स्टेट कैडर सिस्टम के फैसले को वापस लेने, भर्ती और पदोन्नति नियमों में संशोधन, पटवार सर्किल में कंप्यूटर और शौचालय जैसी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
हड़ताल से कौन-कौन से कार्य प्रभावित?
✅ प्रमाण पत्र: हिमाचली, आय, कृषक, EWS
✅ भूमि रिकॉर्ड: जमाबंदी, इंतकाल, सीमांकन, विभाजन
✅ सरकारी योजनाएं: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, बीपीएल सत्यापन
✅ अतिरिक्त सेवाएं: नक्शा तसदीक, आरटीआई मामलों का निपटान, सीएम हेल्पलाइन शिकायतें
सरकार की प्रतिक्रिया
प्रदेश सरकार ने मांगों को लेकर कमेटी गठित की थी, जिसने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। पटवारी और कानूनगो संघ ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपने सर्किल की चाबियां तहसीलदार को सौंप देंगे।
राजस्व अधिकारी संघ ने किया समर्थन
हिमाचल प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ ने हड़ताल का समर्थन किया है। संघ के अध्यक्ष नारायण सिंह वर्मा और महासचिव विपिन वर्मा ने सरकार से तुरंत सिफारिशें लागू करने और कर्मचारियों की मांगें पूरी करने की अपील की है।
सरकार अगर जल्द समाधान नहीं निकालती, तो हड़ताल लंबी चल सकती है, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।