हाईकोर्ट निर्देशों के बाद हिमाचल में पेंशन-जीपीएफ सिस्टम डिजिटल करने के आदेश
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पेंशन और सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) मामलों के निपटारे को डिजिटल माध्यम से संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को ऑनलाइन प्रक्रिया लागू करने और कर्मचारियों की सर्विस बुक को डिजिटल करने के निर्देश दिए हैं।
शिमला
डिजिटल प्रक्रिया लागू करने के निर्देश
वित्त पेंशन विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब पेंशन और जीपीएफ से जुड़े सभी मामलों को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से ही भेजा जाए। इस व्यवस्था के तहत फाइलों की भौतिक आवाजाही को समाप्त करते हुए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे प्रक्रिया में एकरूपता लाई जा सके और सभी स्तरों पर निगरानी आसान हो सके।
कैग के सुझावों के बाद कदम
यह निर्णय भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण पर दिए गए सुझावों के बाद लिया गया है। कैग ने सिफारिश की है कि पेंशन और जीपीएफ से संबंधित सभी कार्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर एक सिस्टम आधारित ढांचा तैयार किया जाए, जिससे कार्यों में देरी कम हो और सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जा सकें।
मौजूदा स्थिति और चुनौतियां
30 मार्च 2026 को जारी पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य में इस परियोजना की प्रगति कुछ लंबित मुद्दों के कारण प्रभावित हो रही है। वर्तमान में जहां नए पेंशन मामलों को ऑनलाइन भेजा जा रहा है, वहीं पेंशन संशोधन से जुड़े मामलों में अभी भी कागजी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसके अलावा कर्मचारियों की सर्विस बुक का डिजिटल स्वरूप उपलब्ध न होना एक प्रमुख बाधा के रूप में सामने आया है, जिससे संपूर्ण प्रणाली के एकीकरण में देरी हो रही है।
आगे की कार्ययोजना
सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में पेंशन और जीपीएफ के सभी मामलों को केवल ऑनलाइन माध्यम से ही प्रेषित किया जाए और किसी भी प्रकार की ऑफलाइन प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। साथ ही सभी कर्मचारियों की सर्विस बुक को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल किया जाएगा, ताकि पेंशन प्रक्रिया की शुरुआत से लेकर स्वीकृति और भुगतान तक सभी चरण एकीकृत डिजिटल प्रणाली के तहत पूरे किए जा सकें और प्रशासनिक कार्यों में दक्षता सुनिश्चित हो सके।