हिमाचल पुलिस में कार्यरत 361 पूर्व सैनिकों को मानद पदोन्नति, मुख्यमंत्री ने नियुक्तियों पर दी जानकारी
हिमाचल प्रदेश पुलिस में कार्यरत पूर्व सैनिकों को राज्य सरकार के निर्णय के तहत मानद पदोन्नति प्रदान की गई है। इस निर्णय के अंतर्गत 246 पूर्व सैनिकों को हेड कांस्टेबल और 115 को सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) के रूप में नियुक्ति दी गई है। राज्य सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए पात्रता सेवा अवधि में आवश्यक छूट प्रदान करते हुए यह कदम उठाया है, जिससे पुलिस विभाग में कार्यरत इन कर्मियों को मानद पदों पर नियुक्ति का अवसर मिल सकेगा।
शिमला
ओक ओवर में आयोजित समारोह में पूर्व सैनिकों ने जताया आभार
हिमाचल प्रदेश पुलिस में कार्यरत पूर्व सैनिकों ने मंगलवार को ओक ओवर में आयोजित एक समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णय के तहत पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे 361 पूर्व सैनिकों को मानद पदोन्नति का लाभ प्रदान किया गया है। इनमें 246 पूर्व सैनिकों को हेड कांस्टेबल तथा 115 पूर्व सैनिकों को सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) के रूप में नियुक्ति दी गई है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हेड कांस्टेबल सुधीर शर्मा और कांस्टेबल रवि दत्त के पाइपिंग समारोह में भी भाग लिया। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों ने राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय का स्वागत करते हुए इसे पुलिस विभाग में कार्यरत पूर्व सैनिकों के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल बताया।
पूर्व सैनिकों के लिए पात्रता सेवा अवधि में दी गई राहत
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान नियमों के अनुसार पुलिस कर्मियों को मानद हेड कांस्टेबल के पद के लिए 20 वर्ष तथा मानद सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) के पद के लिए 32 वर्ष की सेवा पूरी करनी होती है। उन्होंने कहा कि अधिकांश पूर्व सैनिक सेना से सेवानिवृत्ति या निर्धारित सेवाकाल पूरा करने के बाद पुलिस विभाग में शामिल होते हैं। ऐसे में उनके पास मानद पदोन्नति के लिए आवश्यक सेवा अवधि पूरी करने का पर्याप्त समय नहीं बचता। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए पात्रता सेवा अवधि में आवश्यक छूट प्रदान करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से पूर्व सैनिकों को मानद हेड कांस्टेबल और मानद एएसआई के रूप में नियुक्ति प्राप्त करने का अवसर मिलेगा तथा उनकी सेवाओं को संस्थागत स्तर पर मान्यता भी मिलेगी।
पुलिस विभाग में पूर्व सैनिकों की भूमिका पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों का अनुभव, अनुशासन, प्रशिक्षण और कार्य संस्कृति पुलिस विभाग के लिए उपयोगी साबित होती है। उन्होंने कहा कि ये कर्मी पहले भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा देकर देश की सुरक्षा में योगदान दे चुके हैं और वर्तमान में पुलिस विभाग में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा संबंधी दायित्वों के निर्वहन तथा प्रशासनिक कार्यों में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक रैंक उच्च मानद नियुक्ति प्रदान करने का उद्देश्य पूर्व सैनिकों की सेवाओं को मान्यता देना और उन्हें उपलब्ध पदोन्नति अवसरों का लाभ सुनिश्चित करना है।
अग्निवीरों के लिए रोजगार अवसरों पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर भर्ती योजना लागू होने के बाद राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार के विभिन्न विकल्पों पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को सरकारी और अन्य क्षेत्रों में रोजगार अवसर उपलब्ध करवाने की संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है। राज्य सरकार विभिन्न विभागों में ऐसे युवाओं के लिए अवसरों के सृजन को लेकर आवश्यक कदम उठा रही है ताकि प्रशिक्षित युवाओं की क्षमताओं का उपयोग विभिन्न सेवाओं में किया जा सके।
पुलिस कर्मियों तक बढ़ाया गया कानूनी संरक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 218 के तहत पहले कानूनी संरक्षण केवल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक सीमित था। राज्य सरकार ने अब इस संरक्षण का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस कर्मियों को भी इसमें शामिल किया है। उन्होंने कहा कि कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने वाले पुलिस कर्मचारियों को भी आवश्यक कानूनी सुरक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है। इसके साथ ही राज्य सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण, संसाधनों के सुदृढ़ीकरण और प्रशासनिक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न सेवाओं में वरिष्ठ अधिकारियों की संख्या को तर्कसंगत बनाने तथा आईएएस, आईपीएस और आईएफएस कैडर में आवश्यक स्तर पर कमी लाने की प्रक्रिया भी जारी है।
नशा तस्करी के विरुद्ध अभियान जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नशे की तस्करी, विशेष रूप से चिट्टा तस्करी के विरुद्ध व्यापक स्तर पर अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यदि किसी सरकारी कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और पुलिस कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों से संबंधित विभिन्न प्रशासनिक निर्णयों और पुलिस विभाग में किए जा रहे सुधारात्मक प्रयासों पर भी चर्चा की गई।