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हिमाचल पुलिस के ‘हारमनी ऑफ द पाइन्स’ बैंड प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार निलंबित, विभागीय जांच शुरू

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 46 Mins Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने ‘हारमनी ऑफ द पाइन्स’ बैंड के प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार को विभागीय जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया है। पुलिस मुख्यालय ने सेवा नियमों के संभावित उल्लंघन से जुड़े आरोपों की जांच कर तीन महीने में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

शिमला

विभागीय कार्रवाई के तहत निलंबन

हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने ‘हारमनी ऑफ द पाइन्स’ बैंड के प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार को विभागीय जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार उनके विरुद्ध सरकारी सेवा नियमों के संभावित उल्लंघन से जुड़े आरोपों की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई प्रारंभिक स्तर पर उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अंतिम दंड नहीं है और जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों एवं रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। जांच रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा के भीतर पुलिस मुख्यालय को प्रस्तुत की जाएगी।

क्या हैं आरोप

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इंस्पेक्टर विजय कुमार पर विभाग से पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना निजी संगीत सामग्री तैयार करने और उसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित करने का आरोप है। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि इन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उन्हें आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ या नहीं तथा यदि हुआ तो उसकी प्रकृति और स्रोत क्या थे। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य जांच इस बात पर केंद्रित है कि संबंधित गतिविधियां सरकारी सेवा नियमों के अनुरूप थीं या नहीं तथा क्या इनके लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व स्वीकृति ली गई थी। जांच में सोशल मीडिया अकाउंट, प्रकाशित सामग्री, आय से जुड़े रिकॉर्ड और विभागीय अनुमति से संबंधित दस्तावेजों का भी परीक्षण किया जाएगा।

कारण बताओ नोटिस के बाद बढ़ी कार्रवाई

विभाग ने बताया कि औपचारिक कार्रवाई से पहले संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब उन्होंने 3 जुलाई को प्रस्तुत किया। विभागीय स्तर पर उपलब्ध दस्तावेजों और उत्तर का परीक्षण करने के बाद यह पाया गया कि पूर्व अनुमति से संबंधित कोई अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके अलावा सोशल मीडिया गतिविधियों से कथित आय के संबंध में भी उपलब्ध जानकारी विभाग को संतोषजनक नहीं लगी। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने विभागीय जांच प्रारंभ करने और जांच पूरी होने तक निलंबन की कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

जांच अधिकारी और तीन महीने की समय-सीमा

पुलिस लाइन भराड़ी के डीएसपी कमल किशोर को विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें तीन महीने के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित सामग्री, संभावित आय के स्रोत, बैंकिंग एवं अन्य उपलब्ध अभिलेख, विभागीय अनुमति की प्रक्रिया तथा सेवा नियमों के अनुपालन से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद सक्षम प्राधिकारी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई पर निर्णय करेगा।

सेवा नियमों के संभावित उल्लंघन की जांच

डीजीपी कार्यालय के अनुसार प्रथम दृष्टया उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मामले में पंजाब पुलिस रूल्स के नियम 14.33 तथा हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 86 और 87 के संभावित उल्लंघन के पहलुओं की जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि यह जांच पूरी तरह नियमों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ेगी। यदि जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होती है तो विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, जबकि आरोप सिद्ध नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी को नियमानुसार राहत भी मिल सकती है।

‘हारमनी ऑफ द पाइन्स’ बैंड का परिचय

‘हारमनी ऑफ द पाइन्स’ हिमाचल प्रदेश पुलिस का आधिकारिक सांस्कृतिक एवं म्यूजिकल बैंड है, जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर के अनेक सरकारी समारोहों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पुलिस आयोजनों तथा जनजागरूकता अभियानों में नियमित रूप से प्रस्तुति देता रहा है। यह बैंड वर्षों से हिमाचल पुलिस की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा माना जाता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान कार्रवाई केवल संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच के संदर्भ में की गई है और इससे बैंड की नियमित गतिविधियों या आधिकारिक कार्यक्रमों पर कोई प्रभाव घोषित नहीं किया गया है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए सेवा नियम

सरकारी सेवा आचरण नियमों के अनुसार कोई भी सरकारी कर्मचारी विभाग की पूर्व अनुमति के बिना किसी व्यापार, व्यवसाय अथवा नियमित व्यावसायिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता। यदि कोई कर्मचारी सोशल मीडिया, यूट्यूब, फेसबुक, संगीत, डिजिटल कंटेंट या अन्य माध्यमों से नियमित आय अर्जित करने वाली गतिविधि करता है, तो कई मामलों में उसके लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व स्वीकृति आवश्यक होती है। जांच के दौरान यह भी देखा जाता है कि संबंधित गतिविधि से सरकारी दायित्वों, सेवा की निष्पक्षता या हितों के टकराव की स्थिति तो उत्पन्न नहीं हुई।

निलंबन एक अंतरिम प्रशासनिक प्रक्रिया

विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन केवल एक अंतरिम प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य निष्पक्ष और स्वतंत्र विभागीय जांच सुनिश्चित करना होता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि संबंधित अधिकारी दोषी घोषित हो चुके हैं। जांच पूरी होने और सभी दस्तावेजों, अभिलेखों तथा साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो विभागीय नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी, जबकि आरोप सिद्ध नहीं होने पर नियमानुसार बहाली सहित अन्य प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं।

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