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सोलन राजकीय महाविद्यालय में 25.20 लाख रुपये की डिजिटल पुस्तकालय का शुभारंभ, शिक्षा पर डॉ. शांडिल का जोर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 43 Mins Ago • 1 Min Read

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने सोलन राजकीय महाविद्यालय में 25.20 लाख रुपये की लागत से स्थापित डिजिटल पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा, युवाओं के कौशल विकास, नशा निरोधक अभियान तथा प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित विषयों पर जानकारी साझा की।

सोलन

25.20 लाख रुपये की डिजिटल पुस्तकालय का उद्घाटन

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने सोलन स्थित राजकीय महाविद्यालय में लगभग 25.20 लाख रुपये की लागत से स्थापित डिजिटल पुस्तकालय का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के ज्ञान, विश्वास, कौशल और नैतिक मूल्यों के विकास का प्रमुख आधार है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण के साथ-साथ उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर अपनी शैक्षणिक क्षमता को और बेहतर बनाने का आह्वान किया।

शिक्षा क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकताएं

डॉ. शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिक स्तर से सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 140 सरकारी विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं तथा सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

युवाओं और नशा निरोधक अभियान पर जोर

कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के साथ-साथ युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रखने के लिए भी विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित ‘चिट्टा मुक्त अभियान’ के अंतर्गत विभिन्न जिलों में वाकथॉन और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और जागरूकता दोनों सामाजिक विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं।

सुखाश्रय और सुख शिक्षा योजनाओं की जानकारी

डॉ. शांडिल ने मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना और इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि सोलन जिले में चालू वर्ष के दौरान इन योजनाओं पर लगभग 1.60 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत 27 वर्ष तक के बेसहारा, परित्यक्त, अभित्यक्त तथा ट्रांसजेंडर बच्चों एवं पात्र व्यक्तियों, जिनकी वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम है, को प्रति माह 4,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण पर जानकारी

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण पर भी कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा तथा अटल सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल इंस्टीट्यूट चमियाना में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। इसके अलावा कैंसर की जांच और उपचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न संस्थानों में पेट स्कैन मशीनें स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों तक भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई जाएं।

विद्यार्थियों से संवाद और अस्पताल का निरीक्षण

कार्यक्रम के दौरान डॉ. शांडिल ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें अपने माता-पिता तथा शिक्षकों के अनुभवों का सम्मान करने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों से पारंपरिक मूल्यों के साथ आधुनिक शिक्षा और तकनीकी ज्ञान को अपनाने का आग्रह किया। इसके बाद उन्होंने क्षेत्रीय अस्पताल सोलन का निरीक्षण किया, विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जनसमस्याएं भी सुनीं और संबंधित विभागों को नियमानुसार शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

महाविद्यालय प्रशासन ने रखी संस्थान की आवश्यकताएं

कार्यक्रम के प्रारंभ में राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मनीषा कोहली ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं आधारभूत आवश्यकताओं से उन्हें अवगत कराया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

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