निजी स्कूल परिसरों में यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री की बिक्री पर सख्ती, नियम उल्लंघन पर हो सकती है कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूल परिसरों में यूनिफॉर्म, जूते, टाई, बैल्ट, बैज और अन्य सामग्री की बिक्री पर रोक संबंधी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित स्कूलों के खिलाफ शिक्षा से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अनुमति प्रमाण पत्र रद्द करने तक की प्रक्रिया शामिल हो सकती है।
शिमला
निजी स्कूलों को जारी किए गए निर्देश
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश जारी कर निजी स्कूलों में व्यावसायिक गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने को कहा है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि स्कूल परिसरों में यूनिफॉर्म, टाई, बैल्ट, बैज, जूते तथा अन्य निर्धारित सामग्री की बिक्री बोर्ड के नियमों के अनुरूप नहीं है। सभी जिला उपनिदेशकों को अपने-अपने क्षेत्रों के निजी स्कूलों में इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
नियमों के उल्लंघन पर होगी नियमानुसार कार्रवाई
निदेशालय के निर्देशों के अनुसार यदि भविष्य में किसी निजी स्कूल के विरुद्ध नियमों के उल्लंघन की शिकायत प्राप्त होती है तो मामले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 तथा हिमाचल प्रदेश निजी शैक्षणिक संस्थान (विनियमन) अधिनियम-1997 एवं नियम-2003 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में संबंधित स्कूल का अनुमति प्रमाण पत्र भी रद्द किया जा सकता है, जिसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी।
पाठ्यपुस्तकों की बिक्री रहेगी अनुमत
शिक्षा निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के संबद्धता नियम 16.3.12(ए) के अनुसार बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों और प्रैक्टिकल नोटबुक की बिक्री को व्यावसायिक गतिविधि की श्रेणी में नहीं माना जाता। इसलिए निजी स्कूल परिसर में इन पुस्तकों और प्रैक्टिकल नोटबुक की बिक्री पूर्व की तरह जारी रखी जा सकती है।
बोर्ड नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश
निदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी निजी शिक्षण संस्थान बोर्ड के संबद्धता नियमों का पूर्ण रूप से पालन करें। जिला उपनिदेशक समय-समय पर निरीक्षण कर अनुपालन सुनिश्चित करेंगे ताकि शिक्षा संस्थानों में निर्धारित नियमों के अनुसार कार्यप्रणाली बनी रहे।