हिमाचल में राशन डिपुओं पर लगेंगी नई हाईटेक पॉस मशीनें, वितरण प्रणाली में तकनीकी बदलाव लागू
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश में राशन वितरण प्रणाली को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के लिए सभी डिपुओं में नई हाईटेक पॉस मशीनें लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन मशीनों के माध्यम से बायोमीट्रिक, फेस ऑथेंटिकेशन और ओटीपी आधारित सत्यापन के साथ राशन वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
शिमला
नई पॉस मशीनों की स्थापना और उद्देश्य
प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए 5413 राशन डिपुओं में नई पॉस मशीनें स्थापित की जाएंगी। वर्तमान में उपयोग की जा रही मशीनों में तकनीकी समस्याएं और नेटवर्क से जुड़ी दिक्कतें सामने आने के कारण नई मशीनों की आवश्यकता महसूस की गई। इसके तहत अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त मशीनें स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
बायोमीट्रिक और डिजिटल सत्यापन प्रणाली
नई पॉस मशीनों के माध्यम से राशन वितरण में बायोमीट्रिक के साथ-साथ फेस ऑथेंटिकेशन और ओटीपी आधारित सत्यापन को शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मशीनों में आंखों की पुतली स्कैन करने जैसी तकनीक भी उपलब्ध होगी। इससे पहचान से संबंधित त्रुटियों को कम करने और वितरण प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाने में सहायता मिलेगी।
वजन मापन और डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली
इन मशीनों को वेइंग मशीन से जोड़ा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले राशन का वजन स्वतः दर्ज होगा। वितरण के दौरान पूरा डाटा पॉस मशीन में रिकॉर्ड किया जाएगा और उपभोक्ताओं को वजन के अनुसार डिजिटल बिल भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे वितरण प्रक्रिया का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रहेगा।
राशन वितरण नियमों में बदलाव
सरकार द्वारा दिसंबर 2025 से बैकलॉग राशन व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इसके अनुसार अब सभी राशन कार्डधारकों को संबंधित माह का राशन उसी महीने में प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य भंडारण और वितरण प्रक्रिया को निर्धारित समय के भीतर संचालित करना है।
आगे की प्रक्रिया और कार्यान्वयन
राशन डिपुओं में पुरानी मशीनों को हटाकर नई पॉस मशीनें लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके पूर्ण होने के बाद नई प्रणाली के तहत राशन वितरण की प्रक्रिया लागू की जाएगी, जिससे तकनीकी समन्वय के साथ कार्य किया जा सके।