Politics / दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में शिमला में कांग्रेस का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र सरकार की कार्रवाई पर उठाए सवाल
Politics : दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में शिमला में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदर्शन में शामिल होकर केंद्र सरकार की कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी और इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा विषय बताया।
शिमला
दिल्ली की घटना के विरोध में लोक भवन के बाहर प्रदर्शन
दिल्ली में सोमवार को प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को शिमला स्थित लोक भवन के बाहर कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, कांग्रेस पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। शाम करीब 7 बजे सभी नेता और कार्यकर्ता लोक भवन पहुंचे, जहां उन्होंने दिल्ली की घटना के विरोध में अपनी आपत्ति दर्ज कराई। यह प्रदर्शन कांग्रेस के देशव्यापी विरोध कार्यक्रम का हिस्सा बताया गया।
दिल्ली में हुए घटनाक्रम का किया उल्लेख
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सोमवार को दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर पार्टी ने विरोध दर्ज कराया है। इसी क्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। शिमला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी नेताओं ने इसी मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने रखा सरकार का पक्ष
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कार्रवाई कानून और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने दिल्ली की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में भर्ती परीक्षाओं, नीट पेपर लीक और युवाओं से जुड़े अन्य विषयों का भी उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर राजनीतिक टिप्पणी की। यह उनके सार्वजनिक संबोधन का हिस्सा था।
राजनीतिक विरोध कार्यक्रम के तहत हुआ आयोजन
शिमला में आयोजित यह प्रदर्शन कांग्रेस के राजनीतिक विरोध कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं, जबकि सरकार के प्रतिनिधियों ने अपने विचार सार्वजनिक रूप से रखे। इस दौरान प्रशासनिक व्यवस्था सामान्य रही और प्रदर्शन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुआ।