Loading...

पॉलिटेक्निक कॉलेज सुंदरनगर के विद्यार्थियों ने ध्वनि से आग बुझाने वाला उपकरण विकसित

PRIYANKA THAKUR • 4 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / मंडी

सुंदरनगर पॉलिटेक्निक कॉलेज के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रशिक्षुओं ने ‘सोनिक फायर एक्सटिंग्विशर’ विकसित किया है, जो ध्वनि तरंगों से आग को नियंत्रित कर सकता है। यह उपकरण बिना पानी, रेत या रासायनिक पदार्थ के आग बुझाने में सक्षम है और पर्यावरण अनुकूल है। कॉलेज ने इस तकनीक के पेटेंट के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सुंदरनगर

ध्वनि आधारित आग बुझाने का उपकरण
राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज सुंदरनगर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रशिक्षुओं ने एक अभिनव उपकरण विकसित किया है, जिसे ‘सोनिक फायर एक्सटिंग्विशर’ नाम दिया गया है। यह उपकरण ध्वनि तरंगों की मदद से आग को नियंत्रित करने में सक्षम है, जिससे पारंपरिक तरीकों जैसे पानी, रेत या रासायनिक पदार्थ की आवश्यकता नहीं होती। उपकरण में विशेष माइक्रो-कंट्रोलर और प्रोग्रामिंग कोड का उपयोग किया गया है, जो निश्चित फ्रीक्वेंसी की ध्वनि उत्पन्न करता है और आग के चारों ओर ऑक्सीजन के संपर्क को बाधित कर बुझा देता है।

उपकरण की विशेषताएं और लागत
इस उपकरण की निर्माण लागत करीब 7 से 8 हजार रुपये है और यह पर्यावरण अनुकूल है। इसे बार-बार रिफिल करने की आवश्यकता नहीं होगी। लगभग 3 से 5 किलो वजन होने के कारण यह उपकरण दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों और जंगलों में आग बुझाने के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। वर्तमान में जंगलों की आग से निपटने के लिए प्रभावी पोर्टेबल उपकरण उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए यह स्वदेशी तकनीक महत्वपूर्ण समाधान प्रदान कर सकती है।

पेटेंट और भविष्य की योजनाएँ
कॉलेज ने इस तकनीक के पेटेंट के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है और ‘ऑटोमैटिक सोनिक वर्जन’ के लिए भी पेटेंट फाइल तैयार की जा रही है। यह सेंसर-आधारित पोर्टेबल मॉडल भारतीय परिस्थितियों के अनुसार विकसित किया गया है और वैश्विक स्तर पर उपलब्ध मॉडलों से अलग है। इस तकनीक का भविष्य में उपयोग उन घरों और संवेदनशील क्षेत्रों में किया जा सकता है, जहां आग लगने की स्थिति में कोई मौजूद नहीं होता।

शोध टीम और तकनीकी सहयोग
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छठे सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं ने टीम के साथ इस प्रोजेक्ट पर कार्य किया। कॉलेज के ‘स्टूडेंट वेलफेयर फंड’ के माध्यम से भविष्य में आर्थिक सहायता और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि शोध को और उन्नत बनाया जा सके। प्रोजेक्ट लीडर रजत सिंह और मेंटर अवनीश पॉल ने बताया कि उपकरण अग्निशमन के क्षेत्र में नई तकनीकी दिशा प्रदान कर सकता है।