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प्रदेश की 31वीं राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता 9 जुलाई से

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 53 Mins Ago • 1 Min Read

प्रदेश की 31वीं राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता 9 से 13 जुलाई तक कैथलीघाट और शिमला में आयोजित होगी। प्रतियोगिता में प्रदेशभर के खिलाड़ी राइफल, पिस्टल और शॉटगन स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इच्छुक खिलाड़ियों के लिए 7 जुलाई तक ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है।

शिमला

हिमाचल प्रदेश के निशानेबाजों के लिए बड़ी प्रतियोगिता का आगाज 9 जुलाई से होगा। हिमाचल प्रदेश राज्य राइफल एसोसिएशन की ओर से 31वीं राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता का आयोजन 9 से 13 जुलाई तक कैथलीघाट और शिमला में किया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रदेशभर के खिलाड़ी राइफल, पिस्टल और शॉटगन स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।हिमाचल प्रदेश राज्य राइफल एसोसिएशन के आयोजन सचिव विजय ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 मीटर एयर राइफल और एयर पिस्टल स्पर्धाएं इंदिरा गांधी खेल परिसर शिमला में आयोजित होंगी, जबकि 50 मीटर राइफल, 50 मीटर पिस्टल, 25 मीटर पिस्टल तथा 12 बोर ट्रैप शॉटगन प्रतियोगिताएं कैथलीघाट स्थित महालक्ष्मी फर्नीचर के समीप आयोजित की जाएंगी। प्रतियोगिता का समापन 14 जुलाई को दोपहर तीन बजे इंदिरा गांधी खेल परिसर शिमला में होने वाले पदक वितरण समारोह के साथ होगा।

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। आवेदन केवल राष्ट्रीय राइफल संघ की ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया 25 जून से शुरू हो चुकी है और 7 जुलाई सुबह 8 बजे तक जारी रहेगी। इसके बाद 8 जुलाई सुबह 8 बजे तक विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।विजय ठाकुर ने बताया कि प्रतियोगिता में सीनियर, जूनियर, यूथ, सब-यूथ, मास्टर्स, सीनियर मास्टर्स, सुपर मास्टर्स और अंडर-12 समर्थित वर्गों में मुकाबले होंगे। सभी स्पर्धाएं अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ के निर्धारित नियमों के अनुरूप आयोजित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि उत्तर क्षेत्र, प्री-नेशनल और राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ियों के लिए इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेना अनिवार्य है। खिलाड़ियों से समय रहते पंजीकरण कराने तथा प्रतियोगिता के दौरान सुरक्षा मानकों, अनुशासन और निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करने की अपील भी की गई है।

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