तीन वर्षों में 10 हजार से अधिक शिक्षक भर्ती, अगले छह माह में 4 हजार और नियुक्तियां: मुख्यमंत्री
हिमाचल प्रदेश में वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान अब तक 10 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है, जबकि अगले छह माह में चार हजार और शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नोगली में आयोजित जनसभा में यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं और इनमें लगभग दो हजार शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध 300 विद्यालयों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है।
शिमला/रामपुर
अगले छह महीने में चार हजार और शिक्षकों की नियुक्ति
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने नोगली में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 10 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई है। अब आगामी छह महीने के भीतर चार हजार और शिक्षकों की नियुक्ति करने की तैयारी है।
प्रदेश में खोले गए 150 से अधिक CBSE स्कूल
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं। इन विद्यालयों में लगभग दो हजार शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने घर के नजदीक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
300 स्कूल बनेंगे स्कूल ऑफ एक्सीलेंस
शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध 300 विद्यालयों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य सरकारी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
गुणात्मक शिक्षा की रैंकिंग पर भी बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से प्रदेश अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस क्षेत्र में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।