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51 नगर निकायों में 3.60 लाख मतदाता करेंगे मतदान, 195 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित

PRIYANKA THAKUR • 2 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल प्रदेश के 51 शहरी निकायों में 3.60 लाख से अधिक मतदाता 17 मई को मतदान करेंगे, जिसमें 195 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया, खर्च सीमा और आचार संहिता से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

शिमला

3.60 लाख मतदाता निभाएंगे भूमिका
हिमाचल प्रदेश के 10 जिलों में आयोजित होने वाले नगर निकाय चुनावों में कुल 3,60,859 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1,80,963 पुरुष, 1,79,882 महिला और 14 अन्य मतदाता शामिल हैं। जिलावार आंकड़ों में कांगड़ा सबसे आगे है, जहां 1,00,884 मतदाता पंजीकृत हैं, जबकि मंडी में 65,720 और सोलन में 49,059 मतदाता दर्ज किए गए हैं। सिरमौर में 39,004, ऊना में 28,132, कुल्लू में 22,397, चंबा में 20,619, बिलासपुर में 16,770 और शिमला में 11,437 मतदाता सूची में शामिल हैं, जबकि हमीरपुर में सबसे कम 6,837 मतदाता पंजीकृत हैं।

महिलाओं के लिए 195 सीटें आरक्षित
राज्य के 51 शहरी निकायों में कुल 449 वार्डों में चुनाव होंगे, जिनमें से 195 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। नगर निगमों के 64 वार्डों में 25, नगर परिषदों के 229 वार्डों में 106 और नगर पंचायतों के 156 वार्डों में 64 सीटें महिलाओं के लिए निर्धारित हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति के लिए 89 और अनुसूचित जनजाति के लिए 12 सीटें आरक्षित की गई हैं, जिससे विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

नगर निकाय चुनाव: आरक्षण और पदों का विवरण

क्रमस्थानीय निकायसंख्याकुल पदअनुसूचित जातिअनुसूचित जनजातिमहिला आरक्षित
1नगर निगम046414325
2नगर परिषद25229445106
3नगर पंचायत2215631464
कुल514498912195

वार्ड और निकाय स्तर पर चुनाव व्यवस्था
नगर निकाय चुनाव धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन नगर निगमों सहित कुल 51 निकायों में आयोजित किए जाएंगे। नगर निगमों में कुल 64 वार्डों में मतदान होगा, जिसमें धर्मशाला और सोलन में 17-17 तथा पालमपुर और मंडी में 15-15 वार्ड शामिल हैं। जिलावार वार्ड संख्या में कांगड़ा 80 वार्डों के साथ अग्रणी है, जबकि मंडी में 65, शिमला में 58, सोलन में 49 और ऊना में 48 वार्डों में चुनाव होंगे। अन्य जिलों में कुल्लू में 39, बिलासपुर में 34, सिरमौर में 33, चंबा में 27 और हमीरपुर में 16 वार्डों में मतदान कराया जाएगा।

वैकल्पिक दस्तावेजों से भी कर सकेंगे मतदान
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदाता के पास मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध नहीं है, तो वह निर्धारित 12 वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक के आधार पर मतदान कर सकता है। इनमें ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक या डाकघर की पासबुक, छात्र पहचान पत्र, राशन कार्ड, संपत्ति दस्तावेज, पेंशन दस्तावेज, कंडक्टर लाइसेंस, शस्त्र लाइसेंस, रेलवे या बस पास और अन्य प्रमाणपत्र शामिल हैं। हालांकि मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य रहेगा।

खर्च सीमा और प्रशासनिक निर्देश
राज्य निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की है। नगर निगम के प्रत्याशी अधिकतम 1 लाख रुपये, नगर परिषद के 75 हजार रुपये और नगर पंचायत के उम्मीदवार 50 हजार रुपये तक ही खर्च कर सकेंगे। सभी प्रत्याशियों को चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर अपना व्यय विवरण संबंधित अधिकारी को जमा करना होगा। साथ ही, सभी उपायुक्तों, एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों को 31 मई तक मुख्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

डिजिटल एप और मतदान व्यवस्था
मतदाताओं की सुविधा के लिए वोटर सारथी और डीपीएमआईएस एप उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके माध्यम से मतदाता अपनी जानकारी और उम्मीदवारों का विवरण देख सकते हैं। जिन मतदाताओं ने मोबाइल नंबर दर्ज किए हैं, उन्हें मतदान से संबंधित जानकारी एसएमएस के माध्यम से भी प्रदान की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया के दौरान शहरी क्षेत्रों में नई परियोजनाओं की घोषणा, शिलान्यास और उद्घाटन पर रोक रहेगी तथा आवश्यक प्रशासनिक कार्यों के लिए आयोग की अनुमति आवश्यक होगी।

सुरक्षा और आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम लागू होने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आचार संहिता प्रभावी हो गई है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 5000 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया जाएगा। मतदान और मतगणना के दिन संबंधित क्षेत्रों में ड्राई डे रहेगा और सभी व्यवस्थाएं आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित की जाएंगी।