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हिमाचल में वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े मामले का मुख्य आरोपी गौरव भारद्वाज गिरफ्तार

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / सोलन

आरएलए बिलासपुर और सोलन से जुड़े वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े मामले में मुख्य आरोपी गौरव भारद्वाज को सोलन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ के दौरान फर्जी यूजर आईडी, अवैध वाहन वेरिफिकेशन और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई तथ्यों की जांच की जाएगी।

सोलन

तीन माह से फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी

आरएलए बिलासपुर और सोलन में सामने आए वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े मामले में मुख्य आरोपी गौरव भारद्वाज को सोलन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले करीब तीन माह से फरार चल रहा था और उसकी तलाश सोलन पुलिस के साथ-साथ बिलासपुर पुलिस और दिल्ली क्राइम ब्रांच द्वारा भी की जा रही थी। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की थी। इससे पहले मामले में एक क्लर्क और पांच एजेंटों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

फर्जी यूजर आईडी और वाहन पोर्टल के दुरुपयोग की जांच

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने आरएलए सोलन में फर्जी यूजर आईडी तैयार कर वाहन पंजीकरण से संबंधित प्रक्रियाओं को संचालित किया। जांच एजेंसियों के अनुसार आरएलए कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की आधिकारिक आईडी के अतिरिक्त अन्य फर्जी आईडी बनाकर वाहन वेरिफिकेशन और अप्रूवल से जुड़े कार्य किए गए। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने एडमिन क्रेडेंशियल का उपयोग कर वाहन पोर्टल में अनधिकृत प्रवेश प्राप्त किया और उसके माध्यम से विभिन्न प्रक्रियाओं को अंजाम दिया।

एजेंटों के माध्यम से लेनदेन और दस्तावेजों में बदलाव के आरोप

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कई एजेंटों के माध्यम से वाहन मालिकों से संपर्क कर वित्तीय लेनदेन किए। आरोप है कि बदले में वाहनों के दस्तावेजों में बदलाव किए जाते थे, जिनमें वाहन का वजन बदलना, ऑनर सीरियल नंबर में परिवर्तन, बैंक संबंधी विवरण हटाना और बिना निर्धारित प्रक्रिया के पंजीकरण एवं स्वामित्व हस्तांतरण शामिल था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खातों में विभिन्न माध्यमों से करोड़ों रुपए के लेनदेन के संकेत मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

दिल्ली क्राइम ब्रांच जांच से सामने आया नेटवर्क

मामले की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया था, जो कथित तौर पर चोरी की लग्जरी गाड़ियों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वैध बनाकर बेचने से जुड़ा था। जांच में इस नेटवर्क के तार हिमाचल प्रदेश के आरएलए कार्यालयों से जुड़े पाए गए। इसके बाद जनवरी माह में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और मामले में कई गिरफ्तारियां हुई थीं। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों और संभावित नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है।

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