अब तक 98 की मौत और 770 करोड़ का नुकसान , 14 से 16 जुलाई तक नया अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने तबाही मचा रखी है। अगले तीन दिन शिमला, मंडी, सोलन, कांगड़ा और सिरमौर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। अब तक बारिश और आपदाओं से 98 लोगों की जान जा चुकी है और भारी नुकसान हो चुका है।
शिमला
राज्य के कई क्षेत्रों में तेज बारिश, राजगढ़ में सबसे ज्यादा
पिछले 24 घंटों में खदराला, भुंतर, शिलारू, रोहरू, मंडी, मनाली, कोकस, कोटखाई और जुब्बल में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि सिरमौर के राजगढ़ में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 14 से 16 जुलाई तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
तापमान में भारी अंतर, पांवटा सबसे गर्म और केलांग सबसे ठंडा
पांवटा साहिब का तापमान 36 डिग्री और केलांग का न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शिमला का तापमान अधिकतम 23.4 और न्यूनतम 17.4 डिग्री रहा, जबकि मनाली और कल्पा में भी तापमान सामान्य से थोड़ा नीचे रहा।
14 से 16 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी, शिमला में गरज के साथ बारिश संभावित
14 जुलाई को शिमला, सोलन, कुल्लू, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और चंबा में भारी बारिश की संभावना है। 15 जुलाई को मंडी, सिरमौर, कांगड़ा और बिलासपुर में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 16 जुलाई को ऊना, चंबा, कांगड़ा और शिमला प्रभावित रह सकते हैं। शिमला शहर में गरज के साथ बारिश होगी और तापमान 17 से 24 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।
मानसून का कहर: अब तक 98 की मौत, 770 करोड़ का नुकसान
20 जून से अब तक हिमाचल में बारिश और भूस्खलन से 98 लोगों की मौत हो चुकी है। 178 लोग घायल और 34 अभी भी लापता हैं। इस दौरान 1227 मकान और दुकानें, 788 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। 954 पशुओं की मौत हुई है और नुकसान का अनुमान 770 करोड़ से अधिक है। सोमवार तक 209 सड़कें, 745 पेयजल योजनाएं और 139 बिजली ट्रांसफार्मर बंद रहे। मंडी में अब भी 157 सड़कें और 133 जल योजनाएं ठप हैं, जबकि कांगड़ा के देहरा, धर्मशाला और नूरपुर में 612 जल योजनाएं प्रभावित हैं।

