Landslide / किन्नौर की लिप्पा खड्ड में बाढ़ और मलबा आने से पुल प्रभावित, भूस्खलन के बाद एनएच-5 बंद
Landslide : किन्नौर जिले में लगातार बारिश के बीच लिप्पा खड्ड में बाढ़ और मलबा आने से वैली ब्रिज प्रभावित हुआ है तथा आसपास के कुछ घरों पर भी प्रभाव की आशंका जताई गई है। वहीं मलिंग नाला के समीप भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर यातायात प्रभावित हुआ है और प्रशासन स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है।
किन्नौर
लिप्पा खड्ड में बाढ़ के साथ बड़ी मात्रा में मलबा आया
किन्नौर जिले में गुरुवार को हुई लगातार बारिश के बाद लिप्पा खड्ड में जलस्तर बढ़ गया, जिसके साथ बड़ी मात्रा में मलबा भी बहकर आया। मलबे के खड्ड में जमा होने से लिप्पा गांव के वैली ब्रिज पर दबाव बढ़ने की स्थिति बनी। स्थानीय स्तर पर प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पुल के आसपास के क्षेत्र तथा समीप स्थित कुछ रिहायशी मकानों पर संभावित प्रभाव की आशंका को देखते हुए स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
वैली ब्रिज प्रभावित, मलिंग नाला के पास भूस्खलन से एनएच-5 बंद
लिप्पा खड्ड में आए मलबे के कारण वैली ब्रिज के आसपास का क्षेत्र प्रभावित हुआ है। वहीं मलिंग नाला के समीप भूस्खलन होने से राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर मलबा आने के कारण यातायात रोकना पड़ा। संबंधित विभागों की टीमें सड़क की स्थिति का आकलन कर रही हैं तथा मार्ग को बहाल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने यात्रियों से सड़क की स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी है।
स्थानीय प्रतिनिधि ने प्रभावित क्षेत्र का किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलने के बाद आसरंग-लिप्पा क्षेत्र के बीडीसी सदस्य शशि नेगी प्रभावित स्थान पर पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बाढ़ के साथ आए मलबे के कारण पुल के आसपास की स्थिति प्रभावित हुई है। यदि मौसम की स्थिति इसी प्रकार बनी रहती है तो पुल पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
प्रशासन स्थिति की निगरानी में जुटा
स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभाग क्षेत्र की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। प्रभावित स्थानों का आकलन किया जा रहा है और आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा एवं राहत संबंधी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी परामर्श का पालन करने तथा अनावश्यक रूप से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के निकट नहीं जाने की अपील की है।
