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Politics / राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं और नीट पेपर लीक पर भाजपा को घेरा : जी.आर. मुसाफिर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Politics : प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी.आर. मुसाफिर ने राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और नीट पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार से निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की आस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों पर जवाबदेही तय होना जरूरी है। भाजपा और केंद्र सरकार से इन दोनों मामलों में स्पष्ट जवाब देने की भी मांग की गई।

राजगढ़

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष जी.आर. मुसाफिर ने राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं तथा नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। जारी बयान में उन्होंने कहा कि भगवान राम के मंदिर से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोप केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय हैं, जिसकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए।मुसाफिर ने आरोप लगाया कि भाजपा स्वयं को भगवान राम की सबसे बड़ी हितैषी बताती रही है, लेकिन राम मंदिर से जुड़े कथित मामलों ने उसकी कथनी और करनी के अंतर को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि यदि आस्था के इतने बड़े केंद्र से जुड़े मामलों पर सवाल उठ रहे हैं तो सरकार को पारदर्शी जांच कराकर सच्चाई सामने लानी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने नीट परीक्षा पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वर्षों की मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भरोसा परीक्षा प्रणाली से कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।मुसाफिर ने आरोप लगाया कि इन गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार और भाजपा के अधिकांश नेता मौन हैं। उनका कहना था कि जब देश की आस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े प्रश्न सामने हों, तब जिम्मेदार नेतृत्व को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

प्रदेश भाजपा पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल के भाजपा नेता राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर लगातार बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि उन्हें पहले केंद्र सरकार से जुड़े गंभीर मामलों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है, जबकि विपक्ष रचनात्मक सहयोग देने के बजाय केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहा है।

मुसाफिर ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा को पहले अपने संगठन के भीतर के मतभेद और गुटबाजी दूर करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल नारों से नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन चाहती है। उन्होंने केंद्र सरकार से राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय मामलों और नीट पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

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