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Monsoon / मानसून की पहली बारिश से सिरमौर बेहाल, 34 सड़कें बंद, कालाअंब-त्रिलोकपुर मार्ग बना तालाब

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Monsoon : सिरमौर जिले में मानसून की पहली तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव, सड़कें बंद होने और बिजली व्यवस्था बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आईं। कालाअंब-त्रिलोकपुर मार्ग तालाब में तब्दील हो गया, जबकि जिलेभर में 34 सड़कें बंद रहीं और कई ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हुए। बारिश से किसानों को राहत मिली और धान की रोपाई का कार्य भी शुरू हो गया।

नाहन

जिला सिरमौर में वीरवार को मानसून की पहली जोरदार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तड़के करीब चार बजे शुरू हुई बारिश देर शाम तक लगातार जारी रही। लगातार वर्षा के कारण जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं कई क्षेत्रों में जलभराव, सड़कें बंद होने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने से परेशानियों का सामना करना पड़ा।जिले के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में कालाअंब-त्रिलोकपुर मार्ग बारिश के चलते तालाब में तब्दील हो गया। सड़क किनारे नालियों के बंद होने से दो से तीन फुट तक पानी भर गया, जिससे कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए। रुचिरा फैक्टरी के गेट नंबर-3 के समीप जलभराव के कारण लंबा जाम लग गया और लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।

उद्योगपतियों का कहना है कि कालाअंब-त्रिलोकपुर मार्ग पर जलभराव और जाम की समस्या को लेकर कई बार जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसका खामियाजा उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों, स्थानीय लोगों तथा महामाया बाला सुंदरी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को लगातार भुगतना पड़ रहा है।बारिश के चलते लोक निर्माण विभाग की जिलेभर में 34 सड़कें बंद रहीं। इनमें शिलाई उपमंडल की 21, संगड़ाह की आठ, नाहन मंडल की चार तथा राजगढ़ उपमंडल की एक सड़क शामिल है। विभाग के अनुसार भारी बारिश से सड़कों को लगभग 87 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

उधर, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के पांवटा साहिब मंडल में 63 विद्युत ट्रांसफार्मर (डीटीआर) क्षतिग्रस्त हो गए। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए दिनभर मरम्मत और ट्रांसफार्मर बदलने का कार्य जारी रहा।शिलाई विधानसभा क्षेत्र में भारी बारिश के दौरान ढांक से फिसलकर एक बैल की मौत हो गई। इस घटना में संबंधित किसान को करीब 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।हालांकि कई दिनों के लंबे इंतजार के बाद हुई यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। पच्छाद उपमंडल के धीनीधार, नाहन तथा पांवटा साहिब क्षेत्र में धान की तैयार पनीरी को बारिश से संजीवनी मिली है। पर्याप्त पानी मिलने के बाद किसानों ने धान की रोपाई का कार्य भी शुरू कर दिया है।

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