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हिमाचल में 3962 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद, किसानों को 5.92 करोड़ रुपये का भुगतान जारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल प्रदेश में गेहूं खरीद प्रक्रिया के तहत राज्य के दस खरीद केंद्रों में अब तक 3962.35 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। किसानों को उनकी फसल के बदले 5.92 करोड़ रुपये का भुगतान जारी किया गया है। प्रदेश में गेहूं खरीद की प्रक्रिया आठ अप्रैल से शुरू हुई थी, जो 15 जून तक जारी रहेगी। वहीं फसल बेचने के लिए अब तक 1504 किसानों ने विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है।

शिमला

दस खरीद केंद्रों में जारी है गेहूं खरीद

हिमाचल प्रदेश में किसानों से गेहूं की फसल खरीदने की प्रक्रिया आठ अप्रैल से शुरू की गई है। राज्य में बनाए गए दस गेहूं खरीद केंद्रों के माध्यम से अब तक 3962.35 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार यह खरीद प्रक्रिया 15 जून तक जारी रहेगी। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए प्रदेश में अलग-अलग मंडियों को खरीद केंद्र के रूप में निर्धारित किया गया है।

किसानों को 5.92 करोड़ रुपये का भुगतान

राज्य सरकार की ओर से गेहूं बेचने वाले किसानों को अब तक 5.92 करोड़ रुपये का भुगतान जारी किया गया है। गेहूं खरीद का कार्य राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से किया जा रहा है। विभाग के अनुसार किसानों को भुगतान की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से जारी रखी गई है ताकि खरीद के बाद समय पर राशि उपलब्ध करवाई जा सके।

1504 किसानों ने करवाया पंजीकरण

गेहूं खरीद प्रक्रिया में भाग लेने के लिए किसानों को विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। विभाग के अनुसार अब तक 1504 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है। इनमें से 1471 किसानों के पंजीकरण का सत्यापन पूरा किया जा चुका है, जबकि 1370 किसानों को गेहूं बेचने के लिए टोकन जारी किए गए हैं। विभाग की ओर से पंजीकरण और सत्यापन प्रक्रिया लगातार जारी है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी

प्रदेश सरकार ने इस बार गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 160 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस सीजन के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। विभाग का कहना है कि किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ सुनिश्चित करने के लिए खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है। इसके लिए खाद्य आपूर्ति विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल लिंक भी उपलब्ध करवाया है ताकि किसान आसानी से पंजीकरण कर सकें।