HIMCARE CARD / अब पूरे साल बनाए जा सकेंगे हिमकेयर कार्ड, सरकार ने नीति में किया बदलाव
HIMCARE CARD : गरीबों और ज़रूरतमंदों को मिलेगा राहत, तिमाही के साथ विशेष परिस्थितियों में पूरे वर्ष बनेंगे कार्ड
शिमला
हिमकेयर कार्ड बनाने और नवीनीकरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने पूरे वर्ष सुविधा देने का फैसला लिया है
कार्ड बनाने की नई व्यवस्था
प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना को सुदृढ़ बनाने के लिए नीति में बड़ा बदलाव किया है। अब हिमकेयर कार्ड हर साल मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में एक माह के लिए बनाए जाएंगे। इसके साथ ही, गरीब और ज़रूरतमंद लोगों के लिए विशेष परिस्थितियों में पूरे वर्ष कभी भी कार्ड बनाने की अनुमति रहेगी।

मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों को विशेष अधिकार
नई नीति के अनुसार, मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल और सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षक जरूरतमंद मामलों में वर्षभर कार्ड बनाने की सिफारिश कर सकेंगे। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए होगी जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।
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कार्ड नवीनीकरण की प्रक्रिया
हिमकेयर कार्ड एक वर्ष के लिए वैध रहेगा। नवीनीकरण समय पर न हो पाने की स्थिति में, कार्ड समाप्त होने के बाद मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में फिर से नवीनीकरण किया जा सकेगा।
दुर्घटना पीड़ितों को मुफ्त इलाज
सरकार ने सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों में दुर्घटना पीड़ितों को नि:शुल्क इलाज देने का भी निर्णय लिया है। अब घायल को इलाज के लिए न तो पैसे देने होंगे और न ही रिश्तेदार का इंतजार करना पड़ेगा। यह फैसला आपातकालीन स्थिति में जीवन रक्षक साबित होगा।
हिमकेयर योजना की प्रमुख बातें
- प्रदेश में 5.26 लाख हिमकेयर कार्ड धारक परिवार
- 3,227 बीमारियों का नि:शुल्क इलाज
- अधिकतम 5 सदस्यों को एक कार्ड में शामिल किया जाता है
- सरकारी के साथ PGI, GMCH और टाटा जैसे बड़े अस्पताल शामिल
- सभी निजी संस्थानों में डायलिसिस मुफ्त
शुल्क और छूट श्रेणियां
- बीपीएल, मनरेगा, रेहड़ी-पटरी वाले, अनाथ, कैदी: नि:शुल्क कार्ड
- एकल महिलाएं, दिव्यांग (40%+), आउटसोर्स, मिड-डे-मील, दिहाड़ी मजदूर: ₹365
- अन्य पात्र वर्ग: ₹1000