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HP Government / पर्यटन निगम के होटलों में पदाधिकारियों को मिलने वाली रियायतें समाप्त, सरकार ने जारी किए निर्देश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 9 Jun 2026 • 1 Min Read

HP Government : हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के होटलों में कुछ पदाधिकारियों को प्रदान की जा रही रियायतों और विशेष सुविधाओं को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के तहत भोजन, आवास और परिवहन से संबंधित विभिन्न छूटों को वापस लिया गया है। सरकार के अनुसार यह कदम मितव्ययता और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में एकरूपता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि निगम के कर्मचारियों को वर्तमान में उपलब्ध सुविधाएं पूर्ववत जारी रहेंगी।

शिमला

पर्यटन निगम में सुविधाओं को लेकर लिया गया निर्णय

राज्य सरकार ने मितव्ययता और व्यय नियंत्रण से जुड़े उपायों के तहत हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) में कुछ पदाधिकारियों को प्रदान की जा रही विशेष सुविधाओं को समाप्त करने का निर्णय लिया है। जारी आदेशों के अनुसार यह निर्णय निगम के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रबंध निदेशक तथा निदेशक मंडल के सरकारी और गैर-सरकारी निदेशकों पर लागू होगा। सरकार का कहना है कि निगम की वित्तीय व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक बनाने और गैर-आवश्यक व्ययों को सीमित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

भोजन और आवास पर मिलने वाली रियायतें समाप्त

पूर्व व्यवस्था के तहत निगम के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक को एचपीटीडीसी के होटलों में ठहरने पर 100 रुपये प्रतिदिन की निर्धारित दर पर सुविधा उपलब्ध थी। इसके अलावा भोजन पर 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान भी लागू था। सेवानिवृत्ति के बाद भी इन पदाधिकारियों को निगम के होटलों में ठहरने और भोजन पर 50 प्रतिशत तक की रियायत दी जाती थी। सरकार ने इन सभी प्रावधानों को समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिसके बाद संबंधित पदाधिकारियों को सामान्य नियमों के अनुसार शुल्क का भुगतान करना होगा।

अन्य विशेष छूट भी नहीं रहेंगी लागू

सरकार ने प्रबंध निदेशक को मिलने वाली कुछ अतिरिक्त रियायतों को भी समाप्त कर दिया है। पहले प्रबंध निदेशक के पुत्र या पुत्री के विवाह जैसे पारिवारिक अवसरों पर आवास सुविधा में 50 प्रतिशत, भोजन पर 40 प्रतिशत तथा परिवहन सेवाओं पर 20 प्रतिशत तक की छूट उपलब्ध थी। नए आदेशों के बाद ये सभी रियायतें समाप्त हो जाएंगी। इसके अतिरिक्त निदेशक मंडल के सरकारी और गैर-सरकारी सदस्यों को बोर्ड बैठकों के दौरान निगम के होटलों में निःशुल्क ठहरने और भोजन की सुविधा मिलती थी। साथ ही उन्हें जीवनपर्यंत होटल आवास और भोजन पर 30 प्रतिशत तक की रियायत का लाभ भी दिया जाता था। सरकार ने इन प्रावधानों को भी वापस लेने का निर्णय लिया है।

कर्मचारियों को पूर्ववत मिलेंगी सुविधाएं

सरकार के निर्णय के अनुसार पर्यटन विकास निगम के नियमित कर्मचारियों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। कर्मचारियों के लिए लागू रियायती प्रावधान और सेवा संबंधी सुविधाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। आदेश केवल पदाधिकारियों और निदेशक मंडल से जुड़े उन विशेष प्रावधानों पर लागू होंगे, जिन्हें अब समाप्त किया गया है।

मितव्ययता उपायों के तहत लागू हुआ फैसला

सरकारी स्तर पर लिए गए इस निर्णय को प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। राज्य सरकार पिछले कुछ समय से विभिन्न विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में व्यय नियंत्रण तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग से संबंधित उपाय लागू कर रही है। इसी क्रम में पर्यटन विकास निगम में भी विशेष रियायतों की समीक्षा की गई और उन्हें समाप्त करने का निर्णय लिया गया। संबंधित विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।