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बीएड कोर्स में नई व्यवस्था लागू, चार सेमेस्टर सिस्टम और 23 मई को प्रवेश परीक्षा

PRIYANKA THAKUR • 8 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए बीएड कोर्स का नया सिलेबस और प्रवेश प्रक्रिया जारी की है, जिसमें नई शिक्षा नीति के अनुसार पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत कोर्स को चार सेमेस्टर में पूरा किया जाएगा और छात्रों के लिए उपस्थिति, इंटर्नशिप और सतत मूल्यांकन को अनिवार्य बनाया गया है, जबकि प्रवेश परीक्षा 23 मई को आयोजित होगी।

शिमला

नई शिक्षा नीति के अनुसार तैयार सिलेबस
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने बीएड कोर्स के लिए नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के तहत सिलेबस तैयार किया है, जिसमें पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, शिक्षण कौशल और निरंतर मूल्यांकन को प्रमुखता दी गई है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य इस बदलाव के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षण कार्य के लिए अधिक व्यावहारिक और सक्षम बनाना है, ताकि वे स्कूल स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

कोर्स अवधि और उपस्थिति नियम
नई व्यवस्था के तहत बीएड कोर्स दो वर्ष का होगा, जिसे चार सेमेस्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेमेस्टर में न्यूनतम 100 कार्य दिवस और लगभग 600 शिक्षण घंटे निर्धारित किए गए हैं, जिससे पढ़ाई का एक संतुलित ढांचा तैयार किया जा सके। छात्रों के लिए सामान्य कक्षाओं में 80 प्रतिशत उपस्थिति और स्कूल इंटर्नशिप के दौरान 90 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है, और निर्धारित उपस्थिति पूरी न करने पर छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव
मूल्यांकन प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए अब केवल एंड सेमेस्टर परीक्षा पर निर्भरता कम कर दी गई है। कुल अंकों का 20 प्रतिशत हिस्सा सतत समग्र मूल्यांकन (सीसीए) के आधार पर तय होगा, जिसमें कक्षा में उपस्थिति, मिड-टर्म टेस्ट और असाइनमेंट को शामिल किया गया है। शेष 80 प्रतिशत अंक एंड सेमेस्टर परीक्षा के माध्यम से दिए जाएंगे, जिससे छात्रों के निरंतर प्रदर्शन को भी महत्व मिल सके।

आवेदन और परीक्षा कार्यक्रम
बीएड कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया 4 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और 11 मई तक आवेदन किए जा सकते हैं। एडमिट कार्ड 19 मई को जारी किए जाएंगे और 23 मई को प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी, जबकि परीक्षा परिणाम 9 जून तक घोषित होने की संभावना है। इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिससे अभ्यर्थियों को आवेदन में सुविधा मिल सके।

सेमेस्टर के अनुसार विषय संरचना
बीएड कोर्स के चारों सेमेस्टर में अलग-अलग विषयों को शामिल किया गया है, ताकि विद्यार्थियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण मिल सके। पहले सेमेस्टर में चाइल्डहुड एंड डेवलपमेंट और कंटेंपरेरी इंडिया एंड एजुकेशन जैसे आधारभूत विषय रखे गए हैं, जबकि दूसरे सेमेस्टर में लर्निंग एंड टीचिंग और असेसमेंट फॉर लर्निंग के साथ विषय चयन का विकल्प दिया गया है। तीसरे सेमेस्टर में प्रैक्टिकल प्रशिक्षण और स्कूल इंटर्नशिप पर फोकस रहेगा, जबकि चौथे सेमेस्टर में जेंडर, समावेशी शिक्षा, आईसीटी और आत्म विकास जैसे आधुनिक विषय शामिल किए गए हैं।