बंगाणा / वैरी हटली में अवैध खैर कटान पर आरोपी के खिलाफ देर शाम बंगाणा थाना में मामला दर्ज, जांच में जुटे पुलिस और वन विभाग टीम के अधिकारी
Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल
वैरी हटली (बंगाणा) में अवैध खैर कटान के मामले में वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ थाना बंगाणा में मामला दर्ज किया है। मौके से खैर के लट्ठे और कटान में इस्तेमाल औजार बरामद हुए हैं, जबकि मामले की जांच वन विभाग और पुलिस द्वारा जारी है।
ऊना
उपमंडल बंगाणा के वैरी हटली में पकड़े गए एक वन काटुओं पर वन विभाग ने देर शाम थाना बंगाणा में मामला दर्ज करवा गया है। और प्रारंभिक जांच पर एक अन्य पर भी अवैध कटान पर नाम सामने आया है। हालांकि आरोपी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहा है। और आरोपी के पिता भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त है।वन विभाग की टीम में वन रक्षक प्रवीण कुमार,आसिफ भट्टी और अंकुश कुमार ने गश्त के दौरान पकड़े गए आरोपी के पास एक आरा मशीन एक कुल्हाड़ी एक हाथ रखी आरी 22 खैर के लट्ठे बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 4 लाख 60 हजार 900 रुपये आंकी गई है। इस मामले में वन काटुओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है तथा संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया अमल में लाई गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को वन विभाग की टीम नियमित गश्त पर थी।
इसी दौरान दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वैरी हटली के जंगल से आरा मशीन की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही टीम मौके की ओर बढ़ी और जंगल में पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान टीम को जंगल में खैर के बड़े-बड़े लट्ठे कटे हुए पाए गए। वन विभाग की टीम ने मौके पर 22 खैर के लट्ठे बरामद किए,जिनका स्थाई मूल्य लगभग 2.1 क्यूबिक मीटर पाया गया। विभाग के अनुसार इन लट्ठों की कीमत 4,60,900 रुपये आंकी गई है। मौके से लकड़ी काटने में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद किए गए, जिनमें एक इलेक्ट्रिकल कटर ब्लैक टाइगर, कुल्हाड़ी और अन्य उपकरण शामिल हैं।मौके पर आरोपी की पहचान, अवैध कटान कर बेचने की थी तैयारी रेंज ऑफिसर बंगाणा अंकुश आनंद ने बताया कि विभाग की प्रारंभिक जांच में मौके पर मौजूद व्यक्ति की पहचान महिंदर कुमार पुत्र सुरेश कुमार निवासी गांव बेरी हटली, तहसील बंगाणा, जिला ऊना के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह खैर की लकड़ी काटकर बेचने की तैयारी कर रहा था और इसके लिए उसने खरीददार से संपर्क भी किया था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी द्वारा अवैध रूप से खैर के करीब 9 पेड़ों को काटा गया था। वन विभाग की टीम ने आरोपी के पास से एक मोटरसाइकिल भी बरामद की, जिसका उपयोग लकड़ी ढोने के लिए किया जाना था। वन विभाग ने मौके से जब्त किए गए सभी लट्ठों और औजारों का साइज मेमो तैयार किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद बंगाणा थाना में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की गई। विभाग द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 3(5) और वन अधिनियम की धारा 32 व 33 के तहत मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है। रेंज ऑफिसर अंकुश आनंद ने बताया कि इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कटान में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही लकड़ी की खरीद-फरोख्त से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
डीएफओ ऊना सुशील राणा बोले, वन काटुओं पर होगी सख्त कार्रवाई जिला ऊना के डीएफओ सुशील राणा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वन काटुओं और अवैध कटान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। डीएफओ सुशील राणा ने कहा कि जिला ऊना में अवैध कटान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीमें लगातार दिन-रात गश्त कर रही हैं और जंगलों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति जंगलों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।डीएफओ सुशील राणा ने यह भी बताया कि अवैध कटान में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए विभाग द्वारा विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि वन संपदा की रक्षा करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि यदि कहीं भी अवैध कटान या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग या पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
लगातार बढ़ रही अवैध कटान की घटनाएं, विभाग ने बढ़ाई निगरानी,जिला ऊना के विभिन्न वन क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से अवैध कटान की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसे देखते हुए वन विभाग ने अपनी निगरानी और सख्त कर दी है। विशेष रूप से खैर जैसे कीमती पेड़ों की अवैध कटान को रोकने के लिए अतिरिक्त गश्त और निगरानी की व्यवस्था की गई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार खैर की लकड़ी की बाजार में अधिक मांग होने के कारण वन काटु इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं। इसी को देखते हुए विभाग द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरती जा रही है। इस ताजा मामले में भी वन विभाग की तत्परता के कारण समय रहते अवैध कटान का भंडाफोड़ हो गया और बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद कर ली गई। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं की जाती तो इस लकड़ी को बाजार में बेच दिया जाता, जिससे सरकारी संपत्ति को बड़ा नुकसान होता। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा तथा जंगलों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और स्थानीय सहयोग का भी सहारा लिया जाएगा। वन विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जंगलों की रक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और अवैध कटान करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।