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Twisha Sharma Case / ट्विशा शर्मा मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश, परिजन पहुंचे हाईकोर्ट

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Twisha Sharma Case : मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल के ट्विशा शर्मा मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की सिफारिश की है। मामले में परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर उच्च न्यायालय का रुख किया है, जबकि राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर CBI को जांच संबंधी सहमति प्रदान की है।

भोपाल

मध्य प्रदेश सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की

भोपाल के थाना कटारा हिल्स में दर्ज ट्विशा शर्मा मामले को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जांच की सिफारिश की है। राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अपराध क्रमांक 133/2026 से संबंधित इस मामले की जांच अब CBI को सौंपे जाने का निर्णय लिया गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 की धारा 6 के तहत CBI को मध्य प्रदेश राज्य में जांच संबंधी शक्तियां और क्षेत्राधिकार प्रदान करने की सहमति दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अनुमति मामले से जुड़े अपराध, दुष्प्रेरण और कथित षड्यंत्र की जांच पर भी लागू होगी।

भारतीय न्याय संहिता और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज है मामला

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 80(2), 85 और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 और 4 भी मामले में लागू की गई हैं। पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को नामजद किया गया है। मामले में परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रभावशाली व्यक्तियों के कारण जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए CBI जांच आवश्यक है।

परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठाए सवाल

ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मामले में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। परिजनों की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि भोपाल स्थित एम्स में किए गए पहले पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में कई बिंदुओं पर आपत्ति है। याचिका में कहा गया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ तथ्यों का पर्याप्त उल्लेख नहीं किया गया और कई पहलुओं की स्वतंत्र रूप से जांच की आवश्यकता है। इससे पहले भोपाल की एक अदालत ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया था।

हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

परिजनों के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि उच्च न्यायालय में दायर याचिका में दोबारा पोस्टमार्टम और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की गई है। दूसरी ओर राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के बाद अब CBI जांच प्रक्रिया को लेकर आगे की औपचारिक कार्रवाई की जाएगी। मामले में पुलिस, न्यायालय और संबंधित एजेंसियों द्वारा कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई जारी है।

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